उत्तराखंड: 808 प्रवक्ता समेत 1500 शिक्षकों की भर्ती, अब प्रधानाचार्य करेंगे चतुर्थ श्रेणी की नियुक्ति
उत्तराखंड में 1500 से अधिक शिक्षक पदों पर भर्ती होगी। 808 प्रवक्ता, 250+ सहायक अध्यापक और 450+ एलटी पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। 2364 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति का नया नियम भी लागू होगा।
Jul 30 2026 1:53PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार ने 1500 से अधिक शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया तेज करने का फैसला लिया है। इसमें 808 प्रवक्ता, 250 से अधिक सहायक अध्यापक (प्रारंभिक शिक्षा) और 450 से अधिक सहायक अध्यापक एलटी (LT) के पद शामिल हैं। इसके अलावा राजकीय इंटर कॉलेजों में 2364 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए भी नई व्यवस्था लागू की जाएगी।
Recruitment of 1,500 teachers in Uttarakhand
राजकीय शिक्षक संघ के एससीईआरटी सभागार में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि 808 प्रवक्ता पदों पर भर्ती प्रक्रिया पहले से चल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य लोक सेवा आयोग (UKPSC) से जल्द परिणाम जारी करने का अनुरोध किया जाएगा, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
250 से अधिक सहायक अध्यापक पदों पर जल्द आएगी भर्ती
शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रारंभिक शिक्षा विभाग में 250 से अधिक सहायक अध्यापक के रिक्त पदों के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इन पदों पर भर्ती के लिए जल्द ही विज्ञप्ति जारी की जाएगी। साथ ही गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में 450 से अधिक सहायक अध्यापक एलटी के रिक्त पदों का प्रस्ताव भी आयोग को भेजा जाएगा, ताकि इन पदों पर भी भर्ती शुरू हो सके।
2364 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति का नया तरीका
राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेजों में 2364 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद लंबे समय से खाली हैं। पहले इन पदों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरने की योजना थी, लेकिन शिकायतों के कारण उस प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई। अब सरकार ने फैसला लिया है कि इन कर्मचारियों की नियुक्ति का अधिकार विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को दिया जाएगा। नियुक्ति में स्थानीय लोगों और जिन परिवारों ने विद्यालय के लिए भूमि दान की है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
3000 शिक्षकों की पदोन्नति भी होगी
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षकों की लंबित पदोन्नति पर तेजी से काम किया जा रहा है। सहायक अध्यापक एलटी से प्रवक्ता के करीब 3000 पदों पर पदोन्नति की जानी है। उन्होंने कहा कि पदोन्नति की सूची जल्द राज्य लोक सेवा आयोग को भेजी जाएगी। यदि आयोग की ओर से प्रक्रिया में देरी होती है तो शिक्षकों को तदर्थ (Ad-hoc) पदोन्नति देने पर भी विचार किया जाएगा, ताकि स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर की जा सके।
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी होगी दूर
सरकार का कहना है कि नई भर्तियों और पदोन्नति के बाद जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर नियुक्तियां की जाएंगी। इससे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।