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उत्तराखंड: कर्मचारी ने शिक्षा विभाग को लगाया सवा 3 करोड़ रूपये का चूना, चालीस खातों में भेजा पैसा

पीएम पोषण योजना की राशि सीधे नेट बैंकिंग के जरिए स्कूलों में भेजने की प्रक्रिया 2022 में शुरू की गई थी। शिक्षा विभाग को इल्म भी नहीं हुआ और ऑनलाइन बैंकिंग के जरिये करीब ढाई साल में आरोपी ने करीब 3 करोड़ 18 लाख रुपये पार कर दिए।
Aug 27 2025 1:54PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

उत्तराखंड शिक्षा विभाग में करोड़ों की रकम के घोटाले का खुलासा हुआ है। दरअसल पीएम पोषण योजना के तहत काम कर रहे एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी ने विभाग को 3 करोड़ 18 लाख रुपये का चूना लगाया। आरोपी कर्मचारी करीब ढाई साल तक योजना की रकम को स्कूलों के बजाय अपने खाते में ट्रांसफर करता रहा, लेकिन विभाग को इस बात की भनक तक नहीं लग पाई।

Outsourcing employee cheated education dept of rs 3 crore

गौरतलब है कि साल 2022 में पीएम पोषण योजना की राशि सीधे नेट बैंकिंग के जरिए स्कूलों में भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। देहरादून जिले के 800 से ज्यादा स्कूलों को छात्रों की उपस्थिति के आधार पर हर महीने यह पैसा दिया जाता था। योजना के तहत देहरादून जिले को मासिक तौर पर करीब डेढ़ से पौने दो करोड़ रुपये मिलते थे, जिनमें से लगभग 30 से 35 लाख रुपये बच जाते थे और वही बची हुई राशि स्कूल के खाते में रहती थी। इसी दौरान साल 2023 में पीएम पोषण योजना में समन्वयक (MIS) के रूप में नवीन सिंह रावत नाम के कर्मचारी को नियुक्त किया गया।

हासिल किया नेट बैंकिंग पासवर्ड

आरोपी नवीन रावत ने किसी तरह विभाग का नेट बैंकिंग पासवर्ड हासिल किया, और इस घोटाले को अंजाम देने लगा। आरोपी ने हर महीने योजना की बची हुई रकम (जो स्कूल के खातों में जानी थी) को अपने निजी खाते में ट्रांसफर करना शुरू किया। करीब ढाई साल में आरोपी ने करीब 3 करोड़ 18 लाख रुपये अपने खातों में भेज दिए। चौंकाने वाली बात यह है कि ढाई साल जितने लंबे समय तक विभागीय अधिकारी और ऑडिट टीम को इस घोटाले की भनक भी नहीं लग पाई। अब जब जिला शिक्षा अधिकारी ने खाते की जानकारी मांगी तो यह मामला उजागर हुआ है।

चालीस खातों में भेजी गयी रकम

जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती ने अब जब खाते का ब्यौरा देखा तो उन्होंने ये गड़बड़ पकड़ ली, उसके बाद विभाग में घोटाला उजागर हुआ। विभाग ने तत्काल एफआईआर दर्ज कराई, और मामले की जांच शुरू की गई। विभागीय जांच में पता चला कि आरोपी नवीन सिंह रावत ने ढाई साल में अपने दो खातों से गूगल पे के जरिए रकम को लगभग 40 से 50 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया है। घोटाला करने के बाद आरोपी नवीन रावत पैसा लेकर फरार हो गया। उत्तराखंड शिक्षा विभाग की आंतरिक जांच में भी घोटाले की पुष्टि हुई है। पुलिस ने आरोपी नवीन सिंह रावत के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। एसपी देहात ऋषिकेश जय बलूनी ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है, जल्द ही आरोपी को पकड़ा जाएगा।


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