उत्तराखंड: "भूल नहीं सकती केदारनाथ में बिताये पल".. 20 km ट्रैक कर रुद्रनाथ पहुंचीं सारा अली खान
सारा अली खान ने पहले दो दिनों तक केदरनाथ धाम में रहकर बाबा केदार का ध्यान लगाया। बाबा केदार के दर्शन के बाद अब वे रुद्रनाथ पहुंची हैं, जहां वे मंदिर के कपाट बंद होने के अवसर पर आयोजित उत्सव में भाग लेंगी।
Oct 16 2025 8:45PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान इन दिनों देवभूमि उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों की यात्रा पर हैं। वे अपनी एक महिला मित्र के साथ देवभूमि के पवित्र धामों में दर्शन और पूजा-अर्चना कर रही हैं। सारा ने पहले दो दिनों तक केदरनाथ धाम में रहकर बाबा केदार का ध्यान लगाया। बाबा केदार के दर्शन के बाद अब वे रुद्रनाथ पहुंची हैं, जहां वे मंदिर के कपाट बंद होने के अवसर पर आयोजित उत्सव में भाग लेंगी।
Sara Ali Khan treks 20 kms to Rudranath temple
अभिनेत्री सारा अली खान बाबा केदार के दर्शन के बाद भैरवनाथ मंदिर में भी पूजा की और मंदिर परिसर में आयोजित संध्या आरती में सम्मिलित हुईं। केदारनाथ में आरती के बाद मुख्य पुजारी बागेश लिंग से मुलाकात की। उन्होंने पुजारी जी से लम्बी बातचीत की और उनका आशीर्वाद लिया। सारा के साथ उनके तीर्थ पुरोहित हिमांशु तिवारी भी मौजूद थे।
भूल नहीं सकती यहां बिताये पल
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उन्होंने कहा “बाबा केदारनाथ का धाम स्वर्ग के समान है। यहां पग-पग पर भगवान शंकर का वास है। यहां बिताए पल मैं कभी नहीं भूल सकती।” केदारनाथ धाम में सारा अली खान की मौजूदगी से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं और उनके प्रशंसकों ने उन्हें देखकर खुशी जाहिर की और कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
‘केदारनाथ’ शूटिंग के बाद से विशेष जुड़ाव
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सारा ने बताया कि साल 2017 में फिल्म ‘केदारनाथ’ की शूटिंग के दौरान उन्होंने इस पवित्र धाम के साथ एक विशेष जुड़ाव महसूस किया था। यह फिल्म 2018 में रिलीज हुई थी, जिसमें सारा अली खान के साथ दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मुख्य भूमिका में थे। सारा ने कहा कि फिल्म की शूटिंग के बाद से ही वे हर साल बाबा केदार के दर्शन के लिए यहां आती रही हैं, क्योंकि इस स्थान से उन्हें अद्भुत शांति और आत्मिक संतोष की अनुभूति होती है।
20 किलोमीटर ट्रेक कर पहुंची रुद्रनाथ
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केदारनाथ में दर्शन करने के बाद सारा 20 किलोमीटर ट्रेक कर रुद्रनाथ धाम पहुंच गई हैं। बुधवार को वे हेलीकॉप्टर से गोपेश्वर पहुंचीं और लिविंठी बुग्याल में रात बिताई। गुरुवार को वे पैदल यात्रा करते हुए रुद्रनाथ मंदिर पहुंचीं। रास्ते में उन्होंने कई पैदल यात्रियों स्थानीय ग्रामीणों के साथ बातचीत की, अब आज वे रुद्रनाथ धाम में ही रात्रि विश्राम करेंगी। उसके कल 17 अक्टूबर को वे रुद्रनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के अवसर पर आयोजित उत्सव में भी शामिल होंगी।