उत्तराखंड: महंत इंदिरेश के नर्सिंग स्टाफ ने ली अपनी जान, हाथ में कैनुला.. बिस्तर पर मिला आखिरी खत
देहरादून के श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में कार्यरत एक नर्सिंग स्टाफ ने अपने घर में आत्महत्या कर ली। पुलिस द्वारा आत्महत्या के कारणों की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
Oct 24 2025 1:27PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
प्रेमनगर थाना क्षेत्र के कंडोली इलाके में गुरुवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल में कार्यरत एक नर्सिंग स्टाफ ने अपने घर में आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव के पास से एक शीशी, दो खाली सिरिंज और एक सुसाइड नोट बरामद किए हैं।
Nursing staff of Mahant Indiresh Hospital found dead
जानकारी के अनुसार मृतक अशोक के पिता प्रकाश ने पुलिस को सूचना दी कि उनके बेटे ने आत्महत्या कर दी है। सूचना मिलते ही प्रेमनगर थाना तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची। उस दौरान अशोक अपने कमरे के बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़ा था। उसके बाएं हाथ में कैनुला लगा हुआ था। शव के पास से एक शीशी, दो खाली सिरिंज और एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। पुलिस द्वारा आशंका व्यक्त की जा रही है कि उसने अपे शरीर पर कैनुला के माध्यम से कोई जहरीला इंजेक्शन लगाया। आपको बता दें कि कैनुला एक पतली ट्यूब है, जिसे शरीर में नसों के जरिए इंजेक्ट किया जाता है। मृतक की पहचान 32 वर्षीय अशोक, पुत्र प्रकाश चंद, निवासी भद्रकाली, कंडोली के रूप में हुई है। अशोक श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत था।
आखिरी खत में बताई आखिरी इच्छा
पुलिस के अनुसार, अशोक के पास मिले सुसाइड नोट में उसने किसी भी व्यक्ति पर अपनी मौत का आरोप नहीं लगाया है। बल्कि उसने उसने सुसाइड नोट में अपने मोबाइल और अन्य पासवर्ड लिखे ताकि परिवार को उसके बैंक अकाउंट और दस्तावेज़ों तक पहुंचने में कोई कठिनाई न हो। उसने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा है कि “पापा, मुझे माफ कर दीजिए मैंने आपका दिल दुखाया है। मेरी मोटरसाइकिल को आप चलाना, और उसका ध्यान रखना। मेरे बैंक अकाउंट से पैसे निकालकर बहन की शादी में लगाना।"
मामले की जांच जारी
पुलिस ने बताया कि आत्महत्या के कारणों की गहराई से पड़ताल की जा रही है। अशोक अपने परिवार का इकलौता बेटा था, जिसकी मौत से परिवार और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर है। पुलिस द्वारा फील्ड यूनिट को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस मामले में किसी प्रकार के दबाव, धमकी या साजिश के सबूत न मिलने के कारण पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है।