पिथौरागढ़: "लड़की हूं, फंसा दूंगी" कहने वाली महिला पोस्टमैन निलंबित, जांच में मिला दो महीने की डाक का ढेर
पिथौरागढ़ के जाराजीबली में तैनात महिला पोस्टमैन पारुल को विभाग ने निलंबित कर दिया है। ग्रामीणों को "लड़की हूं, फंसा दूंगी" कहने के बाद जांच में दो महीने की बिना बंटी डाक और आधार कार्ड मिलने की पुष्टि हुई।
Jun 14 2026 9:41PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
जाराजीबली (बंगापानी) डाकघर में तैनात महिला पोस्टमैन पारुल को विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि पिछले दो महीने से डाक, जिनमें आधार कार्ड जैसी महत्वपूर्ण सामग्री भी शामिल थी, लोगों तक नहीं पहुंचाई जा रही थी। जांच के दौरान डाक निरीक्षक आशीष राणा को पोस्टमैन के कमरे से बड़ी मात्रा में बिना वितरित डाक मिली, जिसके बाद विभाग ने निलंबन की कार्रवाई की।
Pithoragarh Postwoman Suspended, Probe Finds Two Months of Undelivered Mail
पिथौरागढ़ जिले के सीमांत क्षेत्र जाराजीबली (बंगापानी) डाकघर से जुड़ा विवाद अब विभागीय कार्रवाई तक पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद भारतीय डाक विभाग ने हरियाणा निवासी महिला पोस्टमैन पारुल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
महिला पोस्टमैन पर ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार करने, सरकारी डाक समय पर वितरित न करने और विभागीय दायित्वों में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगे थे। प्रारंभिक जांच में कई आरोप सही पाए जाने के बाद विभाग ने यह सख्त कदम उठाया।
क्या था पूरा मामला?
जाराजीबली क्षेत्र के ग्रामीणों का आरोप था कि पिछले करीब दो महीने से उनके गांवों की डाक लोगों तक नहीं पहुंच रही थी। सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हुई जिनके आधार कार्ड, सरकारी दस्तावेज, बैंक संबंधी पत्र और अन्य महत्वपूर्ण डाक डाकघर में ही पड़ी रही। ग्रामीणों ने कई बार डाक वितरण की मांग की, लेकिन समाधान नहीं निकला। आखिरकार जब लोगों ने पोस्ट ऑफिस पहुंचकर इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया।
जांच के लिए पहुंचे डाक निरीक्षक
वीडियो वायरल होने के बाद डाक निरीक्षक आशीष राणा मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू की। निरीक्षण के दौरान डाकघर के एक कक्ष से बड़ी मात्रा में बिना वितरित डाक बरामद हुई। बताया गया कि इनमें कई महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज और आधार कार्ड भी शामिल थे, जिन्हें लंबे समय से संबंधित लोगों तक नहीं पहुंचाया गया था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि करीब दो महीने से नियमित डाक वितरण नहीं किया गया था।
विभाग ने दिखाई सख्ती
जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया अनियमितताएं मिलने के बाद भारतीय डाक विभाग ने महिला पोस्टमैन पारुल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विभागीय सूत्रों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। यदि आगे और गंभीर लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो विभागीय कार्रवाई और भी कड़ी हो सकती है।
ग्रामीणों ने कार्रवाई का किया स्वागत
स्थानीय ग्रामीणों ने विभाग के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए डाक सेवा आज भी बेहद महत्वपूर्ण है। आधार कार्ड, पेंशन, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं से जुड़े अनेक दस्तावेज समय पर नहीं मिलने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। ग्रामीणों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे मामलों की नियमित निगरानी की जाए ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर डाक सेवाएं मिल सकें।