देहरादून: घंटाघर के पास HNB कॉम्प्लेक्स में बनी थी अवैध मजार, प्रशासन ने चलाया बुलडोजर एक्शन
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सरकारी भूमि से अवैध धार्मिक ढांचों को हटाने का अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में देहरादून के घंटाघर स्थित एचएनबी कॉम्प्लेक्स में बनी एक अवैध मजार को नियमानुसार कार्रवाई करते हुए ध्वस्त कि
Jan 9 2026 4:42PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड में सरकारी भूमि पर बने अवैध धार्मिक ढांचों के खिलाफ राज्य सरकार का अभियान और तेज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में अवैध मजारों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में बीती रात देहरादून के घंटाघर के पास स्थित एचएनबी कॉम्प्लेक्स में बनी एक अवैध मजार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया।
Administration in Dehradun demolished an illegal shrine
रात में की गई इस कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। नगर प्रशासन, एमडीडीए और नगर निगम की संयुक्त टीम ने बुलडोजर से अवैध संरचना को हटाया और वहां मौजूद टीन शेड व मलबा पूरी तरह साफ कराया। कार्रवाई के समय नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम हरिगिरि और नगर पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
नोटिस और सर्वे के बाद हुई कार्रवाई
नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह ने जानकारी दी कि जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर पहले इस संरचना का सर्वे कराया गया था। भूमि और निर्माण से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए एमडीडीए की ओर से संबंधित पक्ष को नोटिस भी दिया गया था। तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अवैध मजार को हटाने की कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ध्वस्तीकरण के दौरान स्थल से किसी भी प्रकार के अवशेष नहीं मिले।
अतिक्रमण हटाओ अभियान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में देहरादून जिला प्रशासन के साथ हुई एक अहम बैठक में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दोहराए थे। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार देहरादून शहर और आसपास दो दर्जन से अधिक ऐसी अवैध मजारें चिन्हित की गई हैं, जो सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाई गई थीं।
अब तक 573 अवैध मजारें हटाईं
धामी सरकार द्वारा चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत अब तक करीब 11 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा चुका है। इसके साथ ही सरकारी जमीन पर बनी 573 अवैध मजारों को हटाया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि बीते कुछ वर्षों में कई स्थानों पर सरकारी भूमि पर कब्जा कर मस्जिद व मजारें बना दी गई थीं, जिनमें से कुछ को वक्फ बोर्ड में भी दर्ज करा दिया गया था।
बर्दाश्त नहीं किया जाएगा अवैध निर्माण
प्रदेश सरकार का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासनिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और चिन्हित सभी अवैध ढांचों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।