Uttarakhand News: रामनगर में एक साथ निकले कई जहरीले सांप, वन विभाग के रेस्क्यू से टली बड़ी अनहोनी
रामनगर के बाजपुर और टांडा इलाके में एक साथ तीन विशाल अजगर और एक जहरीला कोबरा निकलने से हड़कंप मच गया। वन विभाग और स्नेक कैचर की तत्परता से सभी सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
Jan 27 2026 2:59PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर वन प्रभाग अंतर्गत तराई पश्चिमी रेंज में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक साथ कई जहरीले और विशालकाय सांप आबादी क्षेत्र में निकल आए। बाजपुर क्षेत्र और रामनगर के टांडा इलाके में सांपों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि, वन विभाग की तत्परता और अनुभवी स्नेक कैचर की सूझबूझ से समय रहते बड़ा हादसा टल गया।
Several venomous snakes appeared simultaneously in Ramnagar
ग्रामीणों द्वारा सांप देखे जाने की सूचना मिलने पर तराई पश्चिमी वन क्षेत्र में तैनात अनुभवी स्नेक कैचर तालिब हुसैन को तुरंत मौके पर भेजा गया। उन्होंने पूरी सावधानी और पेशेवर तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। रेस्क्यू के दौरान किसी भी तरह की अफरा-तफरी न हो, इसके लिए स्थानीय लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई।
तीनों अजगरों का वजन
रेस्क्यू टीम ने बाजपुर और टांडा इलाके से तीन विशाल अजगर (पाइथन) और एक अत्यंत जहरीले कोबरा सांप को सुरक्षित पकड़ा। बताया जा रहा है किपहले अजगर का वजन लगभग 45–50 किलोग्राम, दूसरे अजगर का वजन करीब 40 किलोग्राम और तीसरे अजगर का वजन 35–40 किलोग्राम के बीच था इसके साथ ही एक कोबरा सांप, जो इंसानों के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है, को भी आबादी क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
आबादी क्षेत्र में भटक आए थे सांप, बना हुआ था खतरा
स्नेक कैचर तालिब हुसैन ने बताया कि ये सभी सांप भटककर मानव आबादी वाले इलाकों में पहुंच गए थे, जिससे जान-माल का गंभीर खतरा बना हुआ था।
यदि समय रहते इनका रेस्क्यू न किया जाता, तो कोई भी अप्रिय घटना घट सकती थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेस्क्यू के दौरान न तो सांपों को नुकसान पहुंचा और न ही किसी व्यक्ति को।
आबादी क्षेत्र में भटक आए थे सांप, बना हुआ था खतरा
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स्नेक कैचर तालिब हुसैन ने बताया कि ये सभी सांप भटककर मानव आबादी वाले इलाकों में पहुंच गए थे, जिससे जान-माल का गंभीर खतरा बना हुआ था।
यदि समय रहते इनका रेस्क्यू न किया जाता, तो कोई भी अप्रिय घटना घट सकती थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेस्क्यू के दौरान न तो सांपों को नुकसान पहुंचा और न ही किसी व्यक्ति को।
प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़े गए सांप
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रेस्क्यू के बाद वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए तीनों अजगर और कोबरा सांप को घने जंगल क्षेत्र में उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। सांपों को जंगल में छोड़े जाने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और वन विभाग की तत्परता की सराहना की।
वन विभाग ने आम जनता से अपील
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बाजपुर और टांडा के ग्रामीण इलाकों में एक साथ इतने बड़े सांपों की मौजूदगी से लोगों में भय का माहौल था। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को घरों से बाहर निकलने से रोका गया। रेस्क्यू के सफल होने के बाद हालात सामान्य हुए और लोगों ने वन विभाग की टीम को धन्यवाद दिया। वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी सांप या अन्य वन्य जीव दिखाई दें, तो घबराएं नहीं और न ही उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश करें। तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक कैचर / रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि वन्य जीवों और इंसानों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।