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उत्तराखंड में बिजली संकट गहराया! 30 लाख यूनिट की कमी, जगह-जगह कटौती

Uttarakhand Power Corporation Limited को प्रदेश में बढ़ती मांग के बीच रोजाना करीब 30 लाख यूनिट बिजली की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इससे कई इलाकों में बिजली कटौती लागू की गई है।
Apr 26 2026 8:17PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

उत्तराखंड में तापमान बढ़ने के साथ बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। शुक्रवार को प्रदेश में बिजली की मांग इस महीने के रिकॉर्ड स्तर को पार करते हुए 5 करोड़ यूनिट से अधिक पहुंच गई। हालांकि, मांग के मुकाबले पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं होने के कारण पूरे प्रदेश में कटौती करनी पड़ रही है।

Uttarakhand Faces Power Cuts Amid Rising Electricity Demand

Uttarakhand Power Corporation Limited के अनुसार, प्रदेश में मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को कुल मांग 5 करोड़ यूनिट से अधिक रही, जबकि राज्य पूल से 1.1 करोड़ और केंद्रीय पूल से 1.5 करोड़ यूनिट मिलाकर केवल 2.7 करोड़ यूनिट बिजली ही उपलब्ध हो पाई। इसके बाद बिजली बाजार से 1.5 करोड़ यूनिट और अन्य स्रोतों से 34 लाख यूनिट बिजली ली गई, लेकिन कुल उपलब्धता केवल 4.6 करोड़ यूनिट तक ही पहुंच सकी। इस तरह प्रदेश में रोजाना करीब 30 लाख यूनिट बिजली की कमी बनी हुई है, जिसके चलते कटौती करना मजबूरी बन गया है।

किन क्षेत्रों में हो रही बिजली कटौती

बिजली की कमी का असर प्रदेश के कई जिलों और शहरों में देखने को मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों जैसे Haridwar और Udham Singh Nagar में लगभग ढाई घंटे तक बिजली कटौती की गई। वहीं छोटे कस्बों—लंढौरा, मंगलौर, लक्सर, बहादराबाद, ढकरानी, सेलाकुई, सहसपुर, विकासनगर, डोईवाला, कोटद्वार, जसपुर, किच्छा, खटीमा, रामनगर, गदरपुर और बाजपुर—में दो से ढाई घंटे तक बिजली नहीं रही। बड़े शहरों में भी असर दिखा, जहां काशीपुर में करीब एक घंटे, रुड़की और हल्द्वानी में लगभग डेढ़ घंटे और ज्वालापुर में करीब सवा घंटे की कटौती की गई। बिजली संकट का असर उद्योगों पर भी पड़ा है। खासकर स्टील उद्योगों में लगभग 12 घंटे तक बिजली कटौती करनी पड़ी, जिससे उत्पादन प्रभावित हुआ है और आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है।

तेजी से बढ़ रही बिजली की मांग

प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। 1 अप्रैल से 24 अप्रैल के बीच ही मांग में करीब 90 लाख यूनिट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गर्मी बढ़ने के साथ यह मांग और बढ़ने की संभावना है। अनुमान है कि अगले सप्ताह तक बिजली की मांग 5.5 करोड़ यूनिट से भी अधिक हो सकती है। बिजली बाजार में इस समय बिजली महंगे दामों पर मिल रही है। पीक आवर के दौरान तो बिजली की उपलब्धता और भी कम हो जाती है। ऐसे में UPCL के लिए पर्याप्त मात्रा में बिजली खरीदना एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिससे स्थिति और जटिल हो रही है। यदि तापमान में इसी तरह वृद्धि जारी रही, तो आने वाले दिनों में बिजली संकट और गहरा सकता है। इससे कटौती की अवधि बढ़ने और अधिक क्षेत्रों में इसका असर दिखने की संभावना है। प्रदेश में बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के बीच संतुलन बनाना फिलहाल एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।


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