image: Leopard Attack Kills Woman in Pauri Garhwal

गढ़वाल: घास काटने जंगल गई महिला पर गुलदार ने किया हमला, मौके पर ही दर्दनाक मौत

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के नैनीडांडा ब्लॉक में गुलदार के हमले में एक महिला की मौत हो गई। वन विभाग ने क्षेत्र में पिंजरा, ट्रैप कैमरे और शूटर तैनात कर गुलदार की तलाश शुरू कर दी है।
Jun 27 2026 5:32PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। नैनीडांडा विकासखंड की ग्राम सभा बणासी तल्ली में जंगल में घास काटने गई एक महिला पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि महिला को संभलने का मौका नहीं मिला और गुलदार उसे जंगल की ओर घसीट ले गया। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

Leopard Attack Kills Woman in Pauri Garhwal

जानकारी के अनुसार, गांव की दो महिलाएं सुबह जंगल में घास काटने गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे गुलदार ने एक महिला पर हमला कर दिया। साथ मौजूद दूसरी महिला ने शोर मचाकर ग्रामीणों को सूचना दी। ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और आसपास के जंगल में खोजबीन शुरू की। कुछ दूरी पर महिला का शव बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और क्षेत्र का निरीक्षण शुरू किया। आगे पढ़िए..

वन अधिकारियों के अनुसार, गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रभावित इलाके में पिंजरे और ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं। साथ ही पूरे क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है।

प्रशिक्षित शूटर भी किया गया तैनात

वन विभाग ने एहतियात के तौर पर एक प्रशिक्षित शूटर को भी मौके पर तैनात किया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और गुलदार को पकड़ने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से वन्यजीवों की गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिससे जंगल, खेत और आसपास के इलाकों में जाना जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि गुलदार को जल्द पकड़कर क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जाए तथा नियमित गश्त बढ़ाई जाए।

वन विभाग की अपील

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि फिलहाल कोई भी व्यक्ति अकेले जंगल या सुनसान क्षेत्रों में न जाए। यदि कहीं गुलदार दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें और किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने से बचें।


View More Latest Uttarakhand News
View More Trending News
  • More News...

News Home