image: Probe Ordered After Premnagar Bridge Approach Road Collapse

देहरादून: प्रेमनगर पुल की एप्रोच रोड धंसी, 3 दिन में जांच रिपोर्ट तलब.. लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

देहरादून के प्रेमनगर स्थित नवनिर्मित पुल की एप्रोच रोड धंसने के मामले में उत्तराखंड शासन ने तीन दिन में जांच रिपोर्ट तलब की है। PWD ने कहा कि पुल सुरक्षित है और लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी।
Jul 28 2026 8:27PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

प्रेमनगर क्षेत्र में नंदा की चौकी स्थित टौंस नदी पर बने नवनिर्मित पुल की एप्रोच रोड धंसने के मामले में उत्तराखंड शासन ने सख्त रुख अपनाया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव पंकज कुमार पांडेय ने मामले की प्राथमिक जांच के आदेश जारी करते हुए क्षेत्रीय मुख्य अभियंता को तीन दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

Probe Ordered After Premnagar Bridge Approach Road Collapse

रिपोर्ट में एप्रोच रोड धंसने के तकनीकी कारण, निर्माण कार्य से जुड़े तथ्य, अभिलेखीय साक्ष्य और जिम्मेदार अधिकारियों या एजेंसी की भूमिका स्पष्ट करने को कहा गया है। शासन ने इस मामले को जनहित और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा बताते हुए जांच में किसी भी तरह की देरी न करने के निर्देश दिए हैं। PWD सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सोशल मीडिया और विभिन्न समाचार माध्यमों से नवनिर्मित पुल की एप्रोच रोड धंसने की जानकारी सामने आने के बाद तत्काल जांच जरूरी हो गई है। प्रमुख अभियंता को भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मरम्मत का काम पूरा, जल्द शुरू होगा यातायात

घटना के बाद लोक निर्माण विभाग ने युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू किया। विभाग के अनुसार एप्रोच रोड पर बना गड्ढा भर दिया गया है और क्षतिग्रस्त हिस्से को दोबारा मजबूत किया गया है। अब अंतिम तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा निरीक्षण किए जा रहे हैं। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद पुल को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। आगे पढ़िए..

PWD सचिव पंकज कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया कि पुल के मुख्य ढांचे (स्ट्रक्चर) को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा है। उनके अनुसार सोमवार रात हुई भारी बारिश के दौरान टौंस नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया था। तेज बहाव के कारण एप्रोच के नीचे की मिट्टी का कटाव हुआ, जिससे सड़क के नीचे खाली स्थान बन गया और एप्रोच रोड का हिस्सा धंस गया।

लापरवाही मिली तो होगी सख्त कार्रवाई

सचिव पंकज कुमार पांडेय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सड़क की मरम्मत कर यातायात बहाल करना नहीं, बल्कि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाना भी है। यदि जांच में निर्माण गुणवत्ता, डिजाइन, निगरानी या किसी अन्य स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी, अभियंता और निर्माण एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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