Uttarakhand News: 6 साल बाद खुलेगी भारत-चीन सीमा व्यापार की राह, लेकिन खाली हाथ तकलाकोट जाएंगे भारतीय व्यापारी
भारत-चीन सीमा व्यापार छह साल बाद फिर शुरू होने की उम्मीद जगी है। 1 अगस्त को व्यापारियों का पहला दल तकलाकोट मंडी जाएगा, लेकिन उन्हें इस बार कोई नया सामान ले जाने की अनुमति नहीं मिली है।
Jul 29 2026 4:12PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
करीब छह साल से बंद भारत-चीन सीमा व्यापार दोबारा शुरू होने की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन इसकी शुरुआत भारतीय व्यापारियों के लिए निराशाजनक रही है। 1 अगस्त को व्यापारियों का पहला दल तिब्बत (चीन) की तकलाकोट मंडी के लिए रवाना होगा, लेकिन उन्हें अपने साथ कोई भी नया व्यापारिक सामान ले जाने की अनुमति नहीं मिली है। ऐसे में व्यापारी खाली हाथ ही सीमा पार करेंगे।
India-China Border Trade Set to Resume After Six Years
लिपुलेख दर्रे के रास्ते होने वाला भारत-चीन सीमा व्यापार वर्ष 2019 के बाद से बंद पड़ा था। कोरोना महामारी और भारत-चीन के बीच कूटनीतिक तनाव के चलते व्यापार पूरी तरह ठप हो गया था। वर्ष 2026 में व्यापार दोबारा शुरू होने की संभावना से व्यापारी उत्साहित थे और उन्होंने पहले से ही अपना माल तैयार कर लिया था।
जून में भी नहीं मिली थी अनुमति
व्यापार शुरू होने की उम्मीद में कई व्यापारी जून माह में अपना सामान लेकर गुंजी तक पहुंच गए थे। हालांकि, चीनी प्रशासन ने सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी। मजबूरी में व्यापारियों को लाखों रुपये का सामान गुंजी में छोड़कर वापस धारचूला लौटना पड़ा।
पहले दल में 20 लोग होंगे शामिल
अब चीनी प्रशासन ने पहले दल को तकलाकोट मंडी जाने की अनुमति दी है। इस दल में व्यापारियों और उनके सहायकों सहित कुल 20 लोग शामिल होंगे। इस दल में केवल वही व्यापारी शामिल किए गए हैं, जिनका पिछली व्यापार अवधि का सामान अब भी तकलाकोट मंडी के गोदामों में रखा हुआ है। उन्हें केवल यात्रा की अनुमति मिली है, नया माल ले जाने की अनुमति नहीं दी गई है। आगे पढ़िए..
तकलाकोट पहुंचने के बाद साफ होगी स्थिति
पहला दल तकलाकोट पहुंचकर वहां की व्यापारिक व्यवस्थाओं, दुकानों की स्थिति और चीनी प्रशासन के रुख का आकलन करेगा। व्यापारियों का मानना है कि चीनी अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नियमित व्यापार कब और किन शर्तों के साथ शुरू होगा।
दो महत्वपूर्ण महीने पहले ही निकल चुके
आमतौर पर भारत-चीन सीमा व्यापार जून से शुरू हो जाता था, लेकिन इस वर्ष जुलाई समाप्त होने के बाद भी नियमित कारोबार शुरू नहीं हो पाया। इससे व्यापार के दो महत्वपूर्ण महीने पहले ही निकल चुके हैं। यदि अगस्त के पहले सप्ताह के बाद व्यापार शुरू होता है तो भारतीय व्यापारियों के पास कारोबार के लिए काफी कम समय बचेगा।
नया व्यापारिक सामान ले जाने की अनुमति नहीं
भारत-चीन सीमा व्यापार समिति के महासचिव दौलत रायपा ने बताया कि फिलहाल पहले दल में उन्हीं व्यापारियों को शामिल किया गया है, जिनका 2019 से तकलाकोट मंडी में सामान डंप पड़ा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार किसी भी व्यापारी को नया व्यापारिक सामान ले जाने की अनुमति नहीं दी गई है। केवल व्यापारी और उनके सहायक ही सीमा पार करेंगे।