उत्तराखंड: पत्नी को तीन तलाक देने के बाद चाचा से निकाह का दबाव, पति समेत दो पर केस
हरिद्वार के पथरी क्षेत्र में महिला को तीन तलाक देने और निकाह हलाला के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। महिला के पिता की शिकायत पर पुलिस ने पति व उसके चाचा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Sep 25 2026 11:14AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
जनपद हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र में एक महिला के पिता ने अपने दामाद पर शादी के बाद से बेटी को परेशान करने, गाली-गलौज और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, बादशाहपुर निवासी व्यक्ति की बेटी का निकाह 20 जून 2020 को लक्सर के दरगाहपुर निवासी वाजिद पुत्र जाकिर के साथ हुआ था। दंपती के दो बच्चे हैं। आरोप है कि शादी के बाद से ही वाजिद अपनी पत्नी के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार करता था।
Haridwar Triple Talaq Case: Husband and Uncle Booked
तहरीर के अनुसार, 12 सितंबर 2026 की शाम वाजिद अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को लेकर उसके मायके पहुंचा। आरोप है कि वहां भी दोनों के बीच विवाद हुआ और वाजिद ने पत्नी के साथ मारपीट और गाली-गलौज की। परिवार के लोगों की मौजूदगी में पति पर पत्नी को तीन बार तलाक कहने का आरोप लगाया गया है।
पति के चाचा से निकाह कराने का दबाव?
महिला के पिता का आरोप है कि तीन तलाक कहने के बाद उनकी बेटी को दोबारा ससुराल भेजने के लिए पति के चाचा इरशाद से निकाह कराने का दबाव बनाया गया। आगे पढ़िए..
यानी शिकायत के मुताबिक, महिला पर निकाह हलाला के लिए दबाव डाला गया। मामले में पति और उसके चाचा को आरोपी बनाया गया है।
पति और चाचा के खिलाफ मुकदमा
महिला के पिता की शिकायत के आधार पर पथरी पुलिस ने वाजिद पुत्र जाकिर और इरशाद पुत्र जमीर, दोनों निवासी दरगाहपुर, लक्सर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और घटना से जुड़े साक्ष्यों व बयानों को जुटाया जा रहा है।
पथरी थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि महिला के पिता की तहरीर के आधार पर दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तीन तलाक पर क्या है कानून?
भारत में मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत पति द्वारा तलाक-ए-बिद्दत यानी तत्काल और अपरिवर्तनीय तीन तलाक की घोषणा को प्रतिबंधित किया गया है। कानून ऐसे कृत्य को दंडनीय अपराध बनाता है। इस कानून के तहत तीन तलाक देने पर तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। फिलहाल इस मामले में महिला के पिता की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में वास्तव में क्या हुआ और आरोपों की पुष्टि किस हद तक होती है।