image: Manish Sirswal Selected as Deputy Jailor

Uttarakhand Lower PCS: गैरसैंण के मनीष सिरसवाल बने डिप्टी जेलर, पढ़ाई से लेकर चयन तक ऐसा रहा सफर

गैरसैंण के डुंगरी गांव निवासी 23 वर्षीय मनीष सिरसवाल का उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की लोअर पीसीएस परीक्षा में डिप्टी जेलर पद पर चयन हुआ है। मनीष की सफलता के पीछे उनके परिवार के संघर्ष की कहानी भी बेहद प्रेरणादायक है।
Sep 26 2026 12:25PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

उत्तराखंड के चमोली जिले के गैरसैंण तहसील स्थित डुंगरी गांव निवासी मनीष सिरसवाल ने लोअर पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल की है। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग, हरिद्वार की ओर से घोषित परिणाम में मनीष का चयन डिप्टी जेलर पद के लिए हुआ है। मनीष के चयन की खबर सामने आते ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Manish Sirswal Selected as Deputy Jailor

मनीष की सफलता के पीछे उनके परिवार के संघर्ष की कहानी भी खास है। उनके पिता भोला दत्त सिरसवाल शिक्षक हैं और माता दमयंती गृहणी हैं। बताया गया कि भोला दत्त ने बेहद कठिन परिस्थितियों में अपनी पढ़ाई पूरी की। पिता का साया कम उम्र में उठ जाने और परिवार की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। वे जंगल से घास और लकड़ी लाने, खेती-किसानी और घर के काम करने के साथ रोजाना करीब 14 किलोमीटर पैदल चलकर गैरसैंण इंटर कॉलेज पढ़ने जाते थे। आज बेटे की सफलता को लेकर भोला दत्त बेहद उत्साहित हैं। उनका कहना है कि मनीष बचपन से ही मेहनती और पढ़ाई में तेज रहे हैं।

10वीं में हासिल की थी 93 फीसदी अंक

मनीष की पढ़ाई की शुरुआत सरस्वती शिशु मंदिर गैरसैंण से हुई। इसके बाद उन्होंने कक्षा छह से 12वीं तक की पढ़ाई सरस्वती विद्या मंदिर गैरसैंण से की। आगे पढ़िए..

उन्होंने 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक हासिल किए और बोर्ड में 18वीं रैंक प्राप्त की। 12वीं में भी उन्होंने 90 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद मनीष ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी ऑनर्स फिजिक्स की पढ़ाई की, जिसमें उन्हें 75 प्रतिशत अंक मिले। उन्होंने उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन में 90 प्रतिशत अंक हासिल किए।

माता-पिता और गुरुजनों को दिया सफलता का श्रेय

मनीष ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। परिवार के मुताबिक, पढ़ाई के दौरान मनीष ने लगातार मेहनत और अनुशासन पर ध्यान दिया। लोअर पीसीएस परीक्षा में डिप्टी जेलर पद पर चयन के बाद मनीष ने अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

बहन भी BARC में वरिष्ठ वैज्ञानिक

मनीष के परिवार में शिक्षा और उपलब्धियों की एक और मिसाल उनकी बड़ी बहन निधि सिरसवाल हैं। वह भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) में वैज्ञानिक के पद पर चयनित हो चुकी हैं और वर्तमान में वरिष्ठ वैज्ञानिक हैं। मनीष की सफलता के साथ परिवार की यह उपलब्धि भी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

विधायक समेत कई लोगों ने दी बधाई

मनीष के चयन पर कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनिल नौटियाल, पूर्व राज्य मंत्री सुरेश कुमार बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी, ब्लॉक प्रमुख दुर्गा रावत, भाजयुमो जिला अध्यक्ष पंकज गैड़ी समेत कई जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि मनीष की सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरक उदाहरण है।


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