image: 50 saint coronavirus positive in Haridwar

उत्तराखंड: कुंभ में कोरोना ब्लास्ट, 50 से ज्यादा संत पॉजिटिव..कई की रिपोर्ट आना अभी बाकी

हरिद्वार के महाकुंभ में अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्री महंत नरेंद्र गिरि समेत 50 से भी अधिक संत पॉजिटिव पाए गए हैं जबकि एक संत की कोरोना से मृत्यु हो गई है।
Apr 16 2021 3:28PM, Writer:Komal Negi

हरिद्वार में एक ओर कुंभ मेले में आस्था का रंग दिख रहा है तो वहीं दूसरी ओर कोरोना का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। हरिद्वार में परिस्थितियां बेकाबू हो रही हैं। सरकार का कहना है कि कुंभ मेले में आने वाले सभी लोगों की रिपोर्ट की जांच कर ही उनको एंट्री दी जा रही है। मगर कुंभ मेले के अंदर जो हाल है वह बेहद चिंताजनक है और खौफनाक भी है। धर्मनगरी में चिंताजनक परिस्थितियां उत्पन्न हो रही हैं। कुंभ मेले में बढ़ते कोरोना के बीच में हाल ही में एक संत की मृत्यु के बाद वहां पर हड़कंप मच गया था और श्री महंत नरेंद्र गिरि समेत तकरीबन 51 से अधिक संतों के पॉजिटिव आने के बाद वहां पर कोहराम मचा हुआ है। बीते गुरुवार को हरिद्वार में सभी अखाड़ों के 9 संतों समेत कोरोना के 629 मामले सामने आए हैं। अबतक हरिद्वार में 51 संत पॉजिटिव पाए गए हैं।

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जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक समेत 200 संतों के सैंपल लिए गए हैं और इससे पहले भी कुल 90 संतों के सैंपल लिए जा चुके हैं। अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महंत नरेंद्र गिरि समेत तकरीबन 51 से भी अधिक संतों के संक्रमित होने के बाद से ही संत समाज में कोहराम मचा हुआ है। बता दें कि कुंभ में हाल ही में मुख्य शाही स्नान संपन्न होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तेजी से सैंपलिंग शुरू की और स्वास्थ्य विभाग की ओर से श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े में साधु-संतों के साथ कई बड़े पदाधिकारियों की जांच की गई और इसमें अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्री महंत गिरी समेत कई संत पॉजिटिव निकले। श्री महंत नारायणगिरी महाराज का कहना है कि सभी लोग कोरोना की गाइडलाइंस का पालन करें। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक महामारी का दौर है और ऐसे में सभी लोगों को सरकार की ओर से जारी की गई गाइडलाइंस का पालन करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस महामारी के बीच में कुंभ मेले का मुख्य शाही स्नान संपन्न हो गया है जो कि उनके लिए खुशी की बात है।

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पिछले 14 दिनों में हरिद्वार में 3885 मामले सामने आए हैं। नैनीताल हाईकोर्ट ने कुंभ में बन रही परिस्थितियों को देखते हुए प्रतिदिन 50,000 टेस्ट करने के आदेश दे दिए हैं। हरिद्वार में महज एक पखवाड़े में तकरीबन 4000 मामले सामने आए हैं जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। कोरोना विस्फोट होने के बाद हरिद्वार में अब मेला स्वास्थ्य विभाग की ओर से सैंपलिंग में और अधिक तेजी लाने की बात कही जा रही है। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद भी हरिद्वार में रोजाना तकरीबन 20,000 टेस्ट ही हो पा रहे हैं। हरिद्वार में सबसे अधिक टेस्ट 13 अप्रैल को हुए। 13 अप्रैल को हरिद्वार में 31,310 लोगों की जांच की गई और 3 अप्रैल को महज 1873 जांच की गई। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को हरिद्वार में जांच का दायरा बढ़ाना बेहद आवश्यक है। हरिद्वार में एक बात और चिंतित करने वाली है। कुंभ में आरटीपीसीआर की तुलना में एंटीजन टेस्ट ज्यादा हो रहे हैं और एंटीजन टेस्ट में नेगेटिव आने के बाद भी व्यक्ति के पॉजिटिव होने की आशंका बनी रहती है क्योंकि एंटीजन टेस्ट आरटीपीसीआर के जितना भरोसेमंद नहीं है। ऐसे में स्थिति हरिद्वार में जैसी दिख रही है उससे भी अधिक भयावह और खौफनाक हो सकती है।


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