image: Report surfaced on helicopter crash in Gangotri Dham

Uttarakhand News: गंगोत्री धाम में हुए हेलीकॉप्टर क्रैश की सामने आई रिपोर्ट, 6 लोगों की हुई थी दर्दनाक मौत

विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने उत्तरकाशी जिले के गंगनानी में हेलीकॉप्टर क्रैश हादसे पर प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की है....
Jul 19 2025 10:09PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने 8 मई को गंगोत्री धाम जा रहे हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की है। ये हेलीकॉप्टर एयरोट्रांस सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित था। इस हेलीकॉप्टर दुर्घटना में पायलट सहित 6 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें पांच महिलाएं भी शामिल थी। ये हेलीकॉप्टर एयरोट्रांस सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित था।

Report surfaced on helicopter crash in Gangotri Dham

गौरतलब हो कि, बीते 8 मई 2025 को उत्तरकाशी जिले के गंगनानी में एयरोट्रांस सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था। ये हेलीकॉप्टर तीर्थ यात्रियों को गंगोत्रीधाम की ओर ले जा रहा था। इसी दौरान हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया, और इस हादसे में पायलट सहित 6 लोगों की दर्दनाक मौत हुई। अब एएआईबी ने इस हेलीकॉप्टर क्रैश हादसे पर प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एनटीएसबी, यूएसए और टीएसबी, कनाडा ने इस जांच के लिए मान्यता प्राप्त प्रतिनिधियों और तकनीकी सलाहकारों की नियुक्ति की है। जांच दल हेली क्रैश के मूल कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक आगे की कार्रवाई के लिए उनके साथ समन्वय कर रहा है।

इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान हुआ था हादसा

AAI की रिपोर्ट के अनुसार, गंगनानी में दुर्घटनाग्रस्त हुए हेलीकॉप्टर के पायलट को 6,160 घंटों की उड़ान अनुभव था। रिपोर्ट में बताया गया है कि हादसे के दिन हेलीकॉप्टर उड़ान भरने के करीब 20 मिनट बाद ही अपनी निर्धारित ऊंचाई से नीचे उतरने लगा था। पायलट ने उत्तरकाशी-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर हेली ही इमरजेंसी लैंडिंग करने की कोशिश की, लेकिन इसमें वो सफल नहीं हो पाया। पायलट जब हेली की इमरजेंसी लैंडिंग करा रहा था, उसी दौरान हेलीकॉप्टर का मुख्य रोटर सड़क के किनारे चल रही एक ओवरहेड फाइबर केबल से टकरा गया और जिस कारण हेली हादसे का शिकार हो गया।

हेलीकॉप्टर में 3 मई 2025 को भी आई थी खराबी

AAIB रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया है कि बेल 407 हेलीकॉप्टर का 2008 में निर्माण किया गया था, इसका अंतिम निर्धारित निरीक्षण 25 अप्रैल, 2025 को किया गया थे। तकनीकी लॉगबुक से यह स्पष्ट हुआ है कि पायलट द्वारा बताई गई आखिरी खराबी 3 मई, 2025 को टेल रोटर की स्कीन में थी, जिसे 7 मई तक ठीक कर दिया गया था। मलबे को आगे की जांच के लिए एक सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB), कनाडा के परिवहन सुरक्षा बोर्ड (TSB) और रोल्स-रॉयस के विशेषज्ञ भी इस जांच में सहायता कर रहे हैं।


View More Latest Uttarakhand News
View More Trending News
  • More News...

News Home