image: Lake water level not decreasing in Sayanachatti

उत्तरकाशी: स्यानाचट्टी में कम नहीं हो रहा झील का पानी, रहवासियों का प्रशासन पर फूटा आक्रोश

स्यानाचट्टी में झील का जलस्तर बढ़ने से घरों, होटलों और अन्य भवनों में पानी घुस गया। ग्रामीणों ने इस अस्थायी झील के बीच प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया..
Aug 22 2025 9:59PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

स्यानाचट्टी क्षेत्र में यमुना नदी पर बनी अस्थायी झील के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। जलभराव से प्रभावित ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। जलमग्न हो चुके यमुनोत्री पुल के पास शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और उन्होंने जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

Lake water level not decreasing in Sayanachatti

बीते गुरुवार को उत्तरकाशी जनपद के यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी के पास कुपड़ा खड्ड में अचानक मलबा और बड़े-बड़े पत्थर आ गए थे। जिस कारण यमुना नदी का बहाव बाधित हुआ और नदी पर अस्थायी झील बन गई। झील का जलस्तर बढ़ते ही आसपास के घरों और होटलों में पानी घुस गया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रण में रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। स्यानाचट्टी, कुथनौर और खराड़ी क्षेत्रों के सभी भवनों और होटलों को एहतियातन खाली करा दिया गया। अब तक लगभग 300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।

राफ्ट में पहुंचा प्रशासन

Syanachatti Lake
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स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए, जिसकी वजह से झील का जलस्तर बढ़ने से घरों, होटलों और अन्य भवनों में पानी घुस गया। ग्रामीणों ने इस अस्थायी झील के बीच प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों के आक्रोशित रुख ने प्रशासन को भी बैकफुट पर ला दिया। स्थिति को संभालने के लिए जिलाधिकारी, स्थानीय विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष राफ्ट के सहारे प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे, लेकिन वहां भी उन्हें आपदा पीड़ितों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।

CM धामी के भी सख्त आदेश

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डीएम बृजेश कुमार तिवारी ने मौके पर मौजूद लोगों को भरोसा दिलाया कि झील का पानी जल्द से जल्द निकाला जाएगा और हर संभव राहत उपलब्ध कराई जाएगी। झील के एक हिस्से को सुरक्षित तरीके से खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), सिंचाई विभाग और अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से काम कर रही हैं। प्रशासन के अनुसार, पिछले एक घंटे में झील के जलस्तर में लगभग दो फुट की कमी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, विनोद कुमार सुमन को निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर झील से सुरक्षित तरीके से जल निकासी और चैनलाइजेशन की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।


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