image: Woman became officer on fake documents in Uttarakhand

उत्तराखंड: फर्जी दस्तावेजों पर प्रशासनिक अधिकारी बन गई महिला, 16 साल करती रही सरकारी नौकरी

उत्तराखंड में सरकारी नौकरी पर तैनात एक महिला के शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी मिलने के बाद मुकदमा दर्ज हुआ है। अंशुल गोयल नाम की महिला ने 2009 में मृतक आश्रित कोटे से नौकरी पाई थी जिसके हाईस्कूल तक के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं।
Aug 24 2025 11:06AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

उत्तराखंड जल संस्थान प्रबंधन और नियामक आयोग यमुना कॉलोनी में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात महिला के शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं, इसके बाद विभाग की ओर से महिला पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।

Woman became officer on fake documents in Uttarakhand

रिपोर्ट्स के मुताबिक अंशुल गोयल नाम की महिला ने मृतक आश्रित कोटे से साल 2009 में नौकरी पाई थी, महिला ने जो शैक्षणिक दस्तावेज जमा कराये थे, वो फर्जी पाए गए हैं। वर्ष 2009 में अंशुल गोयल की पहले जॉइनिंग मृतक आश्रित के रूप में सिंचाई विभाग उत्तराखंड में कनिष्ठ सहायक के पद पर की गई थी। 2025 तक कई प्रमोशन पाने के बाद अंशुल गोयल अब सिंचाई विभाग में प्रशासनिक अधिकारी के रूप में तैनात है।

फर्जी मिले हाईस्कूल के डॉक्यूमेंट

दरअसल, अंशुल गोयल के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद उसके विरुद्ध शैक्षणिक प्रमाण पत्र की जांच किए जाने के लिए एक समिति का गठन किया गया था। समिति ने हाई स्कूल की मार्कशीट और सर्टिफिकेट की जांच के लिए बताए गए राजकीय इंटर कॉलेज पटेल नगर को लेटर भेजा। इंटर कॉलेज ने अवगत कराया कि इस रोल नंबर और अंशुल गोयल के नाम से कोई भी परीक्षार्थी पंजीकृत नहीं था। इसके बाद उत्तराखंड विद्यालई शिक्षा परिषद रामनगर नैनीताल ने अपने पत्र से अवगत कराया कि हाई स्कूल परीक्षा वर्ष 2001 अनुक्रमांक 2206742 पर अंशुल गोयल पंजीकृत नहीं थी।

मुकदमा दर्ज

स्कूल और शिक्षा परिषद दोनों की ओर से उपलब्ध कराए गए अभिलेख से पता चला कि अंशुल गोयल ने जो शैक्षणिक प्रमाण पत्र जमा कराए थे वह फर्जी थे। इसके बाद जांच समिति ने अंशुल गोयल के प्रमाण पत्रों को कूटरचित माना। सिंचाई कार्य मंडल ने सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देहरादून से इस संबंध में विधिक परामर्श के लिए पत्र भेजा, अधिवक्ता ने परामर्श दिया कि प्रशासनिक अधिकारी के प्रमाण पत्र कूट रचित हैं इसलिए वह अपने पद पर बने रहने की अधिकारी नहीं है। इसके बाद केंट कोतवाली में तहरीर के आधार पर अंशुल गोयल निवासी नींबू वाला गढ़ीकैंट देहरादून के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।


  • MORE UTTARAKHAND NEWS

View More Latest Uttarakhand News
View More Trending News
  • More News...

News Home