उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बदलने वाला है, तीन सोशल मीडिया पेजों ने फैलाई झूठी खबर.. मुकदमा दर्ज
सोशल मीडिया पर कुछ पेजों द्वारा मुख्यमंत्री बदलने की अफवाह फैलाई जा रही थी, जिससे आमजन में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही थी। सिद्धार्थ अग्रवाल द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने भ्रामक खबर फ़ैलाने वालों के खिलाफ कारवाई शुरू की..
Aug 31 2025 11:59AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री परिवर्तन को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई जा रही हैं। उत्तराखंड पुलिस ने इन भ्रामक और झूठी सूचनाएं प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। शनिवार को देहरादून में तीन फेसबुक पेज संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
Rumors on social media about change Uttarakhand Chief Minister
जानकारी के अनुसार देहरादून भाजपा जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने पुलिस को शिकायत पत्र सौंपा था। शिकायत पत्र में आरोप है कि सोशल मीडिया पर कुछ पेजों द्वारा मुख्यमंत्री बदलने की अफवाह फैलाई जा रही थी, जिससे आमजन में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही थी। सिद्धार्थ अग्रवाल द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने भ्रामक खबर फ़ैलाने वालों के खिलाफ कारवाई शुरू की। इन दिनों भारी बारिश के कारण बागेश्वर, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी जिलों में आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हैं। इन आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं।
3 फेसबुक पेज संचालकों के खिलाफ मुकदमा
ऐसे कठिन समय में मुख्यमंत्री परिवर्तन जैसी झूठी खबरें फैलाना न केवल बचाव कार्यों को प्रभावित करता है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी प्रतिकूल असर डालता है। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि फेसबुक पेज “आई लव माय उत्तराखंड संस्कृति”, “उत्तराखण्ड वाले” और “जनता जन आंदोलन इरिटेड” से मुख्यमंत्री परिवर्तन संबंधी भ्रामक पोस्ट की गई थीं। इसके आधार पर पुलिस ने तीनों पेज संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उत्तराखंड पुलिस की आमजन से अपील
उत्तराखंड पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अपुष्ट अथवा अफवाहनुमा सूचना का प्रसार न करें। साथ ही सोशल मीडिया संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि वे अफवाह फैलाने या भ्रामक सामग्री पोस्ट करने में लिप्त पाए गए, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निरंतर निगरानी की जा रही है।