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देहरादून आपदा: 24 घंटे बाद फिर बरामद हुए 7 शव, मृतकों की संख्या 22 पहुंची.. 23 अब भी लापता

प्रशासन के ताजा अपडेट के अनुसार, देहरादून आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं..
Sep 18 2025 12:36PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

देहरादून में हुई भीषण बारिश और आपदा के 24 घंटे बाद भी हालात भयावह हैं। प्रशासन के ताजा अपडेट के अनुसार, देहरादून आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, मलबे के नीचे दबे लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

Dehradun disaster: 7 bodies recovered after 24 hours

देहरादून में बीते 15 और 16 सितंबर की रात को हुई अतिवृष्टि तथा नदियों-नालों में आए उफान ने भारी तबाही मचाई। मंगलवार को प्रशासन ने जानकारी दी थी कि 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी। उसके बाद देर रात देर रात को 5 और शव बरामद हुए, जिसके बाद मौत का आकड़ा 18 तक पहुंचा। इसके बाद विकासनगर से लापता दो महिलाओं और एक युवक का शव सहारनपुर में बरामद हुआ, जिनकी पहचान सुंदरी (40, मुरादाबाद), रानी (20, संभल) और मोनू (संभल) के रूप में हुई। शिमला बाईपास क्षेत्र से तीन साल के बच्चे का शव बरामद हुआ। रायपुर क्षेत्र की सौंग नदी से दो युवकों के शव मिले, जिनकी उम्र क्रमशः 35 और 40 साल मानी जा रही है। दोनों युवकों के शवों की शिनाख्त अभी नहीं हो सकी है। बीते बुधवार तक देहरादून आपदा में मृतकों की संख्या 22 पहुंच गई, बताया जा रहा है कि 23 लोग अब भी लापता हैं।

62 में से 35 सड़कें हुई बहाल

पीडब्ल्यूडी मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि देहरादून आपदा में 62 सड़कें और आठ पुल क्षतिग्रस्त हो गए थे। इनमें से 35 सड़कें खोल दी गई हैं, जबकि 27 सड़कों को बहाल करने का कार्य जारी है। बारिश और भूस्खलन से अवरुद्ध मसूरी-धनोल्टी और मसूरी-कैंपटी मार्ग को बुधवार को खोल दिया गया। वहीं, मसूरी-देहरादून मार्ग पर शिव मंदिर के पास बना बेली ब्रिज देर रात तैयार हो गया और रात करीब 9:45 बजे से यातायात बहाल हो गया। मालदेवता से करीब 20 किलोमीटर दूर पहाड़ों के बीच बसे फुलेत गांव में बुधवार सुबह से रेस्क्यू अभियान चल रहा है।

छह श्रमिक लापता

फुलेत गांव में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGYSY) की सड़क निर्माण के दौरान छह श्रमिक लापता हो गए थे। इन लापता श्रमिकों की पहचान सुरेंद्र कुमार, धर्मेंद्र, श्यामलाल, सचिन, मिथुन और विकास (सभी निवासी सहारनपुर) के रूप में हुई है। एसडीआरएफ की टीम गांव में ही रुकी और आज गुरुवार सुबह फिर से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।


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