उत्तराखंड: बदरी-केदार के कपाट इस दिन होंगे बंद, तुंगनाथ-मदमहेश्वर की ये तिथियां घोषित
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कपाट बंद होने की तिथि की घोषणा करते हुए श्रद्धालुओं से अपील की है कि कपाट बंद होने से पहले तीर्थयात्री दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करें।
Oct 2 2025 10:04PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 23 अक्टूबर, गुरुवार को भैया दूज के पावन अवसर पर प्रातः 8:30 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने के बाद परंपरा अनुसार बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली पहले पड़ाव रामपुर के लिए प्रस्थान करेगी।
doors closing date of Badrinath and Kedarnath Dham
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कपाट बंद होने की तिथि की घोषणा करते हुए श्रद्धालुओं से अपील की है कि कपाट बंद होने से पहले तीर्थयात्री दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करें। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि गुरूवार 23 अक्टूबर को केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के बाद पंचमुखी डोली रामपुर में रात्रि विश्राम करेगी। शुक्रवार 24 अक्टूबर को रामपुर से प्रस्थान कर डोली गुप्तकाशी के विश्वनाथ मंदिर पहुँचेगी। उसके बाद 25 अक्टूबर (शनिवार) को डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुँच जाएगी। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट भी 23 अक्टूबर को बंद होंगे।
भगवान बदरी विशाल
1
/
भगवान बदरी विशाल के कपाट मंगलवार 25 नवंबर को अपराह्न 2 बजकर 56 मिनट पर बंद हो जाएंगे। कपाट बंद करने की परंपरागत प्रक्रिया के तहत 21 नवंबर से पंच पूजाएं आरंभ होंगी। बदरीनाथ धाम के कपाट बंद करने की तिथि घोषित करने के इस शुभ अवसर पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने वर्ष 2026 के लिए हक-हकूकधारी धारियों को पगड़ी भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही सभी थोकों के पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान भंडारी थोक से मनीष भंडारी, मेहता थोक से महेंद्र सिंह मेहता एवं दिनेश भट्ट और कमदी थोक से कुलभूषण पंवार को पगड़ी प्रदान की गई।
मदमहेश्वर धाम के कपाट बंद होने की तिथि
2
/
मदमहेश्वर धाम के कपाट 18 नवंबर, मंगलवार को प्रातः शुभ मुहूर्त में बंद किए जाएंगे। कपाट बंदी का निर्णय ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में पुजारियों और वेदपाठी आचार्यों की उपस्थिति में लिया गया। 18 नवंबर को कपाट बंद होने के बाद बाबा मदमहेश्वर की डोली का प्रथम पड़ाव गौंडार में होगा। उसके अगले दिन 19 नवंबर को राकेश्वर मंदिर में रात्रि विश्राम करेगी। उसके बाद 20 नवंबर को डोली गिरिया गांव पहुँचेगी, ततपश्चात शुक्रवार 21 नवंबर को डोली पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुँचेगी। 21 नवंबर के दिन ही उखीमठ में मदमहेश्वर मेला भी आयोजित होगा।
भगवान तुंगनाथ धाम
3
/
तुंगनाथ धाम के कपाट 6 नवंबर, गुरुवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे शीतकाल के लिए बंद होंगे। कपाट बंदी की तिथि का निर्णय शीतकालीन गद्दीस्थल मर्कटेश्वर मंदिर, मक्कूमठ में मठपति रामप्रसाद मैठाणी की उपस्थिति में हुआ। कपाट बंद होने के बाद 6 नवंबर को तुंगनाथ बाबा की डोली का चौपता में विश्राम करेगी, उसके अगले दिन यानि 7 नवंबर को भनकुन में में विश्राम करेगी। उसके बाद 8 नवंबर को शीतकालीन गद्दीस्थल मर्कटेश्वर मंदिर, मक्कूमठ पहुँचेगी।