उत्तराखंड में फिर तेज हुई कैबिनेट विस्तार की हलचल, सीएम धामी के दिल्ली दौरे से बढ़ीं अटकलें
बीते महीनों में राज्य सरकार का ध्यान मुख्य रूप से मानसून आपदा राहत कार्यों पर केंद्रित रहा। अब आपदा प्रबंधन के कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं, ऐसे में उम्मीद है कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व की ओर से जल्द ही कैबिनेट विस्तार को हरी झंडी मिल सकती है
Oct 16 2025 10:55AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर कैबिनेट विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आगामी दिल्ली दौरे के दौरान पार्टी हाईकमान से कैबिनेट विस्तार पर चर्चा करेंगे। उम्मीद की जा रही है कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व जल्द ही उत्तराखंड कैबिनेट विस्तार को हरी झंडी दे सकता है।
CM Dhami Delhi visit fuels Cabinet expansion in Uttarakhand
सूत्रों के अनुसार, कल 17 अक्टूबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दिल्ली यात्रा प्रस्तावित है। इस दौरान वे भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और लंबित कैबिनेट विस्तार पर अंतिम मंजूरी लेने की कोशिश करेंगे। हालांकि, कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व फिलहाल बिहार विधानसभा चुनाव में व्यस्त हैं, ऐसे में उत्तराखंड में मंत्रीमंडल के विस्तार की प्रक्रिया बिहार विधानसभा चुनाव के बाद ही संभव हो पाएगी।
5 विधायकों की खुल सकती है किस्मत
वर्तमान में धामी सरकार में पांच मंत्री पद रिक्त हैं। इनमें से चार पद लंबे समय से खाली हैं, जबकि एक पद पूर्व संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद से रिक्त है। प्रेमचंद अग्रवाल के त्यागपत्र के बाद से ही कैबिनेट विस्तार की अटकलें लगातार लगाई जा रही हैं। हर बार की तरह इस बार भी दावे किए जा रहे हैं कि पांच विधायकों की किस्मत जल्द खुल सकती है। भाजपा में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कई बार चर्चा तूल पकड़ चुकी है, लेकिन हर बार कुछ समय हलचल रहने के बाद ही मामला ठंडा पड़ जाता है।
शीर्ष नेतृत्व की ओर से मिल सकती है हरी झंडी
सूत्रों के अनुसार, भाजपा हाईकमान इस समय राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन और बिहार चुनाव अभियान में व्यस्त है। ऐसे में पार्टी द्वारा उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार को फिलहाल प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। सीएम धामी और प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने इससे पहले नवरात्र के दौरान भी मंत्रीमंडल विस्तार के संकेत दिए थे, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया। बीते महीनों में राज्य सरकार का ध्यान मुख्य रूप से मानसून आपदा राहत कार्यों पर केंद्रित रहा। अब जबकि आपदा प्रबंधन के कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व की ओर से जल्द ही उत्तराखंड कैबिनेट विस्तार को हरी झंडी मिल सकती है।
मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे पर टिकी हैं निगाहें
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि उत्तराखंड की सियासत इन दिनों जोश में है और सबकी निगाहें मुख्यमंत्री धामी के दिल्ली दौरे और हाईकमान की मंजूरी पर टिकी हैं। भाजपा हाईकमान आगामी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर हर निर्णय ले रहा है। पार्टी संगठन और सरकार के बीच तालमेल को मज़बूत करने के लिए कैबिनेट विस्तार को अब रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।