image: Video of clash between MLA and Inspector goes viral

उत्तराखंड शहीद की अंत्येष्टि में गमगीन माहौल, विधायक-दरोगा की 'नमस्ते' पर झड़प.. वीडियो वायरल

जवान की शहादत पर दुख और शोक के माहौल में केवल ‘नमस्ते’ न करने पर शुरू हुआ विवाद इस कदर बढ़ गया कि क्षेत्रीय विधायक और दरोगा दोनों ही अपनी गरिमा भूलकर आमने-सामने आ गए।
Nov 26 2025 6:15PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

जब पूरा क्षेत्र जवान की शहादत से गमगीन था और उसके अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थी। दुख और शोक के माहौल में केवल ‘नमस्ते’ न करने पर शुरू हुआ विवाद इस कदर बढ़ गया कि दोनों ही पक्ष अपनी गरिमा भूलकर आमने-सामने आ गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिस पर लोग नाराजगी जता रहे हैं।

Video of clash between MLA and Inspector goes viral

जानकारी के अनुसार बीते 24 नवंबर को चम्पावत जिले के पाटी ब्लॉक के खरही गांव निवासी और 18 कुमाऊं रेजिमेंट के 20 वर्षीय अग्निवीर जवान दीपक सिंह का कुशीला ताल घाट में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होना था। शोकसभा और अंतिम तैयारी के बीच अचानक प्रभारी एसओ (थाना पाटी) बिपुल जोशी और लोहाघाट विधायक खुशाल सिंह अधिकारी के बीच बहस शुरू हो गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस घटना का विडियो वायरल

वीडियो में एसओ को यह कहते सुना गया "तेरा कार्य अभी हो जाएगा, यह कार्य बाद में होगा। तू क्या सोच रहा है? तुझे तमीज होनी चाहिए, तू किससे बात कर रहा है।" इस दौरान आसपास खड़े एक व्यक्ति ने कहा "दरोगा भी उंगली उठाकर ऐसे बात कर रहा है।" इसके जवाब में विधायक ने आरोप लगाया कि प्रभारी एसओ उंगली खड़ी करके बात कर रहा है। जवाब में एसओ ने टोका "तुम्हारा खा रखा है क्या?" विधायक ने तुरंत प्रत्युत्तर दिया "हाँ खा रखा है तूने… तू बोल कैसे रहा है!"

स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी

वीडियो में दोनों को तीखी भाषा में एक-दूसरे पर टिप्पणी करते देखा गया। विवाद बढ़ता देख सेना के अधिकारी, पुलिसकर्मी और स्थानीय प्रतिनिधि बीच-बचाव के लिए आगे आए और दोनों को शांत कराया। 1 मिनट 5 सेकंड का यह वीडियो क्षेत्र में खूब चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि "एक जवान की अंत्येष्टि पर इस तरह का विवाद बेहद अनुचित है। यदि कोई गलतफहमी थी, तो इस पर बाद में भी बात की जा सकती थी।"

नमस्ते न करने पर शुरू हुआ विवाद

थाना पाटी प्रभारी एसओ बिपुल जोशी ने इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि "मैं विधायक जी को चेहरे से नहीं पहचानता था, हालांकि उनका नंबर मोबाइल में फीड था। अंत्येष्टि स्थल पर उन्होंने कहा कि मैंने नमस्ते नहीं की। मैंने कहा कि शमशान घाट में गमगीन माहौल में ऐसा संभव नहीं है। हर व्यक्ति शोकाकुल है। नमस्ते न करने की बात पर ही विवाद शुरू हो गया।"

विधायक ने भी रखा अपना पक्ष

इस घटना के लोहाघाट के विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा कि "मैं ऊपर की ओर आ रहा था और एसओ बिपुल जोशी नीचे जा रहे थे। मुझे लगा कोई पिथौरागढ़ से आए होंगे। जब किसी ने परिचय दिया, तो एसओ उंगली हिलाकर बोलने लगे कि ‘कैसे कह दिया, कैसी जगह आए हो’। मित्र पुलिस को जनप्रतिनिधियों से सम्मानपूर्वक बात करनी चाहिए।"


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