हल्द्वानी में अतिक्रमण हटाने गई टीम पर हमला, जेसीबी पर पथराव.. फिलहाल रुकी कार्रवाई
हल्द्वानी में अतिक्रमण हटाने गई नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम पर कब्जाधारियों ने पथराव कर दिया। जेसीबी मशीन का शीशा तोड़ दिया गया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कार्रवाई रोक दी गई।
Dec 13 2025 4:18PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
हीरानगर वार्ड 17 में अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम पर अज्ञात लोगों ने पथराव कर दिया, जिससे जेसीबी क्षतिग्रस्त हो गई और कार्रवाई रोकनी पड़ी। राजस्व विभाग की भूमि पर शौचालय निर्माण प्रस्तावित था। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है।
Attack on encroachment removal team in Haldwani
हल्द्वानी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई एक बार फिर विवादों के बीच घिर गई है। हीरानगर वार्ड नंबर 17 में शनिवार को नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम पर स्थानीय लोगों ने पथराव कर दिया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। हमले में नगर निगम की जेसीबी मशीन क्षतिग्रस्त हो गई और प्रशासन को कार्रवाई रोकनी पड़ी। कोतवाली हल्द्वानी और मुखानी थाने से पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात नियंत्रित किए।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, संबंधित भूमि राजस्व विभाग की संपत्ति है, जहां सार्वजनिक शौचालय निर्माण का प्रस्ताव है। इसी उद्देश्य से शनिवार को नगर निगम व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। कार्रवाई शुरू होते ही कुछ अज्ञात लोगों ने अचानक नगर निगम की जेसीबी पर पत्थर फेंके, जेसीबी का शीशा टूट गया, और मौके पर अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसके बाद सुरक्षा कारणों से अधिकारियों ने कार्रवाई को तुरंत स्थगित कर दिया।
घटना के बाद प्रशासन सतर्क
हमले के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया, जिसके बाद पुलिस बल को तैनात कर स्थिति सामान्य करने की कोशिश की गई। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि सरकारी कार्य में बाधा डालना कानूनन अपराध है और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों की पहचान कर FIR दर्ज की जाएगी। प्रशासन ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे की कार्रवाई प्लान के अनुसार की जाएगी।
स्थानीय विकास योजनाओं पर असर
इस इलाके में सार्वजनिक सुविधाओं के तहत शौचालय निर्माण की योजना पहले से प्रस्तावित है। अतिक्रमण हटाने में रुकावट आने से विकास कार्यों में देरी, नागरिक सुविधाओं पर प्रभाव, और कानून-व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है।