`उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में पहली एस्ट्रो-टूरिज्म ऑब्ज़र्वेटरी शुरू। शुरू हुई एस्ट्रो-टूरिज्म ऑब्ज़र्वेटरी, उत्तराखंड बना स्टारगेज़र्स का नया ठिकाना.. डार्क स्काई, स्टारगेज़िंग, खगोल विज्ञान सत्र और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर।
Jan 27 2026 12:20PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड का शांत और सुंदर पर्वतीय जिला पिथौरागढ़ अब आधिकारिक रूप से स्टारगेज़र्स (तारों को निहारने वालों) का नया ठिकाना बन गया है। जिले में पहली बार समर्पित एस्ट्रो-टूरिज्म ऑब्ज़र्वेटरी की शुरुआत की गई है, जो हिमालयी आसमान की अद्भुत छटा को देखने के लिए पर्यटकों को आकर्षित करेगी।
इस अनूठी पहल को जिला पर्यटन विभाग द्वारा तैयार किया गया है, जबकि इसका क्रियान्वयन Starscapes Experiences Pvt Ltd ने किया है। ऑब्ज़र्वेटरी का उद्घाटन उत्तराखंड सरकार के मंत्री Satpal Maharaj द्वारा किया गया।
क्यों खास है पिथौरागढ़ का आसमान
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पिथौरागढ़ प्राकृतिक रूप से डार्क स्काई ज़ोन के लिए जाना जाता है। यहां की ऊंचाई, न्यूनतम प्रकाश प्रदूषण, स्वच्छ और खुला आकाश इसे तारों, ग्रहों और खगोलीय घटनाओं के अवलोकन के लिए आदर्श बनाते हैं। शहरी इलाकों में जहां रात का आसमान रोशनी से ढका रहता है, वहीं पिथौरागढ़ में अब पर्यटक नग्न आंखों और टेलीस्कोप से ब्रह्मांड का अद्भुत नज़ारा देख सकेंगे।
स्टारगेज़िंग सेशन और खगोल विज्ञान का अनुभव
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नई एस्ट्रो-टूरिज्म ऑब्ज़र्वेटरी में पर्यटकों के लिए गाइडेड नाइट-स्काई ऑब्ज़र्वेशन, टेलीस्कोप से ग्रहों और तारामंडलों का अवलोकन, खगोल विज्ञान पर शैक्षणिक सत्र, बच्चों और युवाओं के लिए एस्ट्रोनॉमी वर्कशॉप जैसी गतिविधियां उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पहल न सिर्फ मनोरंजन, बल्कि विज्ञान आधारित पर्यटन को भी बढ़ावा देगी।
स्थानीय युवाओं को मिला नया रोजगार
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इस परियोजना की सबसे खास बात है स्थानीय समुदाय की भागीदारी। पिथौरागढ़ के स्थानीय निवासियों को एस्ट्रो गाइड के रूप में, टेलीस्कोप संचालन में प्रशिक्षित किया गयाऔर साथ ही तारामंडल पहचान और खगोल विज्ञान की मूल जानकारी सिखाई गई है। इससे जहां युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले हैं, वहीं पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया है।
सतत और जिम्मेदार पर्यटन की दिशा में कदम
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पर्यटन विभाग के अनुसार, भविष्य में उत्तराखंड के अन्य पर्वतीय जिलों में भी इसी तरह की एस्ट्रो-टूरिज्म ऑब्ज़र्वेटरी विकसित करने की योजना है। यह पहल उत्तराखंड को अनुभव आधारित पर्यटन, पर्यावरण-संवेदनशील विकास, विज्ञान और प्रकृति के संतुलन की दिशा में आगे ले जाती है।
हिमालय की गोद में बसा पिथौरागढ़ अब सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए नहीं, बल्कि तारों से भरे आसमान के लिए भी जाना जाएगा। एस्ट्रो-टूरिज्म ऑब्ज़र्वेटरी के साथ पिथौरागढ़ उत्तराखंड का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां रात का आसमान खुद एक पर्यटन स्थल बन चुका है।