image: Case registered against unknown VIP in Ankita Bhandari Murder

उत्तराखंड पहुंची CBI की स्पेशल क्राइम ब्रांच, अंकिता हत्याकांड में अज्ञात VIP के खिलाफ केस दर्ज

अंकिता भंडारी हत्याकांड में वायरल ऑडियो और वीडियो के बाद मुख्यमंत्री की संस्तुति पर CBI ने अज्ञात वीआईपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब CBI टीम के उत्तराखंड पहुंचने से तीन साल पुराना सबसे बड़ा रहस्य उजागर होने की उम्मीद जगी है।
Feb 3 2026 11:02AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर से जुड़े वायरल ऑडियो विवाद के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति किए जाने के बाद अब CBI की स्पेशल क्राइम ब्रांच की टीम उत्तराखंड पहुंच चुकी है।

Case registered against unknown VIP in Ankita Bhandari Murder

सोमवार को सीबीआई की शाखा-दो ने दिल्ली में अज्ञात वीआईपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की गहन जांच के लिए टीम राज्य में सक्रिय हो गई है। यह वही वीआईपी है, जिसका नाम पिछले तीन वर्षों से अंकिता हत्याकांड में रहस्य बना हुआ है। दरअसल, यह पूरा विवाद उस समय दोबारा सुर्खियों में आया, जब भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। फेसबुक लाइव के दौरान उर्मिला सनावर ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में “VIP गट्टू” का जिक्र किया और दावा किया कि एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पास इस पूरे मामले से जुड़ी अहम जानकारी है।

जनआक्रोश के आगे झुकी सरकार

इसके साथ ही उन्होंने एक वायरल ऑडियो का भी उल्लेख किया, जिसके बाद मामला तेजी से राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया। वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों और संगठनों ने CBI जांच की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिए। मामले के बढ़ते दबाव और जनआक्रोश को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी को इस पूरे प्रकरण की CBI जांच की संस्तुति कर दी थी। इसके बाद अब CBI ने औपचारिक रूप से केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

उम्रकैद के बावजूद VIP का राज बरकरार

गौरतलब है कि उत्तराखंड के इस चर्चित हत्याकांड में भले ही मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत तीनों आरोपियों को अदालत से उम्रकैद की सजा मिल चुकी है, लेकिन घटना की रात वनंत्रा रिजॉर्ट में आए वीआईपी की पहचान आज भी सार्वजनिक नहीं हो सकी है। यही कारण है कि यह मामला तीन साल बाद भी चर्चा में बना हुआ है। 18 सितंबर 2022 को ऋषिकेश के पास स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में कार्यरत रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था। घटना के करीब एक सप्ताह बाद अंकिता का शव नहर से बरामद हुआ था।

500 पेज की चार्जशीट

एसआईटी जांच के बाद वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और दो अन्य कर्मचारियों के खिलाफ लगभग 500 पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई। अभियोजन पक्ष ने कुल 97 गवाह बनाए थे, जिनमें से 47 गवाहों का परीक्षण कराया गया। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर IPC धारा 302 (हत्या), धारा 201 (साक्ष्य छुपाना), धारा 354(ए) (छेड़छाड़ व लज्जा भंग) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोप तय हुए। वहीं, सह-आरोपी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को भी हत्या और साक्ष्य मिटाने सहित अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

दोस्त से किया था VIP का जिक्र

जांच में यह भी सामने आया था कि घटना वाले दिन अंकिता भंडारी ने अपने मित्र पुष्पदीप को बताया था कि रिजॉर्ट में एक बड़ा वीआईपी आने वाला है। अंकिता ने कहा था कि पुलकित आर्य उस पर वीआईपी को “अतिरिक्त सेवा” देने का दबाव बना रहा है। हालांकि, वह वीआईपी कौन था, इसका खुलासा आज तक नहीं हो पाया। अब जबकि CBI की स्पेशल क्राइम ब्रांच उत्तराखंड पहुंच चुकी है और अज्ञात वीआईपी के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड का सबसे बड़ा रहस्य जल्द सामने आ सकता है। राज्यभर की नजरें अब CBI जांच पर टिकी हैं—क्या तीन साल बाद आखिरकार उस वीआईपी का नाम उजागर होगा, या रहस्य और गहराएगा?


  • MORE UTTARAKHAND NEWS

View More Latest Uttarakhand News
View More Trending News
  • More News...

News Home