Uttarakhand: प्रोबेशन में ही लगा रहे ट्रांसफर का जुगाड़, सिफारिश वाले शिक्षकों पर कसेगा शिकंजा.. आदेश जारी
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा महानिदेशालय ने ट्रांसफर के लिए सिफारिश लगाने वाले शिक्षकों को चिन्हित कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। प्रोबेशन और प्रतिनियुक्ति वाले शिक्षक महानिदेशालय के रडार पर हैं।
Feb 3 2026 9:55PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा महानिदेशालय ने ट्रांसफर के लिए सिफारिश लगाने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। प्रोबेशन अवधि में तैनात नव शिक्षकों और प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत शिक्षकों द्वारा की जा रही सिफारिशों को कर्मचारी आचरण नियमावली के विरुद्ध बताते हुए कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं।
Directorate to take Action Against Teachers Lobbying for Transfers
महानिदेशालय विद्यालय शिक्षा उत्तराखंड ने ट्रांसफर को लेकर लगातार मिल रही सिफारिशों पर गंभीर आपत्ति जताई है। विभाग द्वारा जारी कार्यालय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस तरह की गतिविधियाँ न केवल शासकीय कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रही हैं, बल्कि यह कर्मचारी आचरण नियमावली का खुला उल्लंघन भी है।
प्रोबेशन अवधि में ही ट्रांसफर की कोशिश
आदेश में कहा गया है कि कई ऐसे नव नियुक्त शिक्षक, जिनकी परवीक्षाकाल (प्रोबेशन) अवधि अभी पूर्ण भी नहीं हुई है, वे अपने मूल तैनाती स्थल से स्थानांतरण के लिए विभिन्न स्तरों से सिफारिशें लगवा रहे हैं। विभाग ने इसे अत्यंत खेदजनक करार दिया है।
प्रतिनियुक्ति पर तैनात शिक्षक भी रडार पर
केवल नव शिक्षक ही नहीं, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर तैनात शिक्षक भी अपने वर्तमान कार्यस्थल से अन्यत्र समायोजन या स्थानांतरण के लिए लगातार संदर्भ भिजवा रहे हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार, इससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन
महानिदेशालय ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह की सिफारिशें लगवाना कर्मचारी आचरण नियमावली के विरुद्ध है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षा महानिदेशालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा सेवा नियमों को दरकिनार कर दबाव बनाना अस्वीकार्य है।
चिन्हित कर होगी कार्रवाई, अधिकारियों को निर्देश
महानिदेशालय ने सभी स्तरों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सिफारिश के माध्यम से ट्रांसफर या समायोजन मांगने वाले शिक्षकों/कार्मिकों को चिन्हित किया जाए, उनके विरुद्ध नियमित (एग्रीटा) विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित की जाए। साथ ही संबंधित नियुक्ति अधिकारी को प्रस्ताव भेजा जाए और कार्रवाई की एक प्रति महानिदेशालय को भी अनिवार्य रूप से भेजी जाए।
क्यों अहम है यह आदेश?
शिक्षा विभाग का यह आदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे ट्रांसफर प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, प्रभाव और सिफारिश की संस्कृति पर लगाम लगेगी, प्रोबेशन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और नियमों के तहत सेवा संचालन सुनिश्चित होगा।