image: Liquor Banned in Kunjeti Village of Rudraprayag

रुद्रप्रयाग: कालीमठ घाटी के इस गांव ने पेश की मिसाल, शराब पर पूर्ण प्रतिबंध.. लगेगा 21 हजार जुर्माना

रुद्रप्रयाग जिले की कालीमठ घाटी स्थित कुणजेठी ग्राम पंचायत ने सार्वजनिक आयोजनों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। उल्लंघन करने पर 21 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
Feb 25 2026 1:58PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

जनपद रुद्रप्रयाग के दूरस्थ क्षेत्र कालीमठ घाटी की ग्राम पंचायत कुणजेठी ने नशा मुक्ति की दिशा में एक ऐतिहासिक और सख्त फैसला लिया है। ग्राम प्रधान अनिल आर्य के नेतृत्व में आयोजित ग्राम सभा की बैठक में महिला मंगल दल और युवक मंगल दल की उपस्थिति में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि गांव में किसी भी सार्वजनिक आयोजन — चाहे शादी, सगाई या अन्य सामूहिक कार्यक्रम हो — शराब पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

Liquor Banned in Kunjeti Village of Rudraprayag District

यह फैसला गांव में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और उससे उत्पन्न सामाजिक समस्याओं को देखते हुए लिया गया। ग्राम सभा में स्पष्ट किया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान या सार्वजनिक कार्यक्रम में शराब परोसते या सेवन करते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर ग्राम समिति की ओर से तत्काल ₹21,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। ग्रामीणों ने इसे सामाजिक अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए “जीरो टॉलरेंस नीति” बताया है। उनका कहना है कि नशे के कारण पारिवारिक विवाद, आर्थिक नुकसान और सामाजिक असंतुलन जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही थीं, जिन्हें रोकने के लिए कठोर कदम उठाना जरूरी हो गया था।

महिलाओं की हुंकार: “नशा छोड़ो, गांव जोड़ो”

निर्णय के बाद महिला मंगल दल की महिलाओं ने पूरे गांव में जागरूकता रैली निकाली। “नशा छोड़ो, गांव जोड़ो” और “स्वस्थ समाज, मजबूत भविष्य” जैसे नारों से गांव की गलियां गूंज उठीं। महिला मंगल दल की अध्यक्ष दीपा देवी ने कहा कि नशा परिवार और समाज दोनों के लिए घातक है। गांव को नशा मुक्त बनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। महिलाओं ने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहकर गांव के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। बैठक में महिला मंगल दल और युवक मंगल दल के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

डीएम ने की पहल की सराहना

इस पहल की सराहना करते हुए Vishal Mishra, जिलाधिकारी Rudraprayag ने कहा कि ऐसे सामूहिक निर्णय सामाजिक वातावरण को सकारात्मक बनाते हैं और गांवों में स्वस्थ माहौल स्थापित करने में सहायक होते हैं।
कुणजेठी की इस पहल की पूरे जनपद में चर्चा हो रही है। सामाजिक संगठनों ने इसे अन्य ग्राम सभाओं के लिए प्रेरणादायक मॉडल बताया है। अब यह देखना होगा कि यह सख्त निर्णय अन्य गांवों में भी नशा मुक्ति अभियान को कितनी मजबूती देता है।


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