उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा: असली की जगह एग्जाम देने आए फर्जी छात्र, 7 के खिलाफ मुकदमा दर्ज
हरिद्वार के राजकीय इंटर कॉलेज सलेमपुर में हाईस्कूल हिंदी परीक्षा के दौरान फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए। 7 आरोपी हिरासत में, एक फरार। पुलिस संगठित गिरोह की जांच में जुटी।
Feb 25 2026 4:23PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड में चल रही बोर्ड परीक्षाओं के बीच हरिद्वार के रानीपुर क्षेत्र स्थित Rajkiya Inter College Salempur में हाईस्कूल हिंदी परीक्षा के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।
Seven Arrested for Cheating in Uttarakhand Board Examination
जानकारी के अनुसार बीते 24 फरवरी को आयोजित परीक्षा में असली परीक्षार्थियों की जगह 7 युवक-युवतियां परीक्षा देते हुए पकड़े गए। इनमें 3 युवक और 4 युवतियां शामिल हैं। एक अन्य संदिग्ध मौके से फरार हो गया। परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षकों को कुछ छात्रों के प्रवेश पत्रों में संदेह हुआ। जब प्रवेश पत्रों की बारीकी से जांच की गई तो पाया गया कि उन पर लगी फोटो वास्तविक परीक्षार्थियों से मेल नहीं खा रही थी। सख्ती से पूछताछ करने पर खुलासा हुआ कि ये युवक-युवतियां मूल अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने आए थे। बताया जा रहा है कि रावली महदूद स्थित सावित्री शिक्षा सदन के कुछ परीक्षार्थियों के नाम पर यह फर्जीवाड़ा किया गया।
प्रधानाचार्य की तहरीर पर मुकदमा दर्ज
मामले की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। कॉलेज के प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र द्विवेदी ने कोतवाली रानीपुर में लिखित तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 7 आरोपियों को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से फर्जी प्रवेश पत्र भी बरामद हुए हैं। रानीपुर कोतवाली प्रभारी आशुतोष राणा ने बताया कि सभी आरोपी दूसरे छात्रों के नाम पर परीक्षा दे रहे थे। प्रारंभिक जांच में मामला सुनियोजित प्रतीत हो रहा है।
संगठित गिरोह की आशंका
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है। फरार संदिग्ध की तलाश में दबिश दी जा रही है। इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और सख्त कर दी है।
बोर्ड परीक्षाओं की साख पर सवाल
बोर्ड परीक्षाओं के दौरान इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, समय रहते फर्जीवाड़ा पकड़े जाने से परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिली है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।