image: Uttarkashi Students Develop Smart Safety Devices to Prevent Road Accidents

उत्तरकाशी: नींद आई तो बजेगा अलार्म, शराब पीकर नहीं होगी गाड़ी स्टार्ट.. छात्रों ने बनाया स्मार्ट डिवाइस

उत्तरकाशी के राजकीय इंटर कॉलेज गेंवला ब्रहमखाल के छात्रों ने स्मार्ट सेफ्टी डिवाइस विकसित किए हैं, जो ड्राइविंग के दौरान नींद आने पर अलार्म बजाते हैं और शराब पीकर वाहन चलाने से रोकते हैं।
Feb 27 2026 10:40AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

उत्तरकाशी जिले के राजकीय इंटर कॉलेज गेंवला ब्रहमखाल के दो मेधावी छात्रों ने अपनी वैज्ञानिक सोच और तकनीकी समझ का शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्मार्ट सेफ्टी डिवाइस तैयार किए हैं। ये डिवाइस सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

Uttarkashi Students Develop Smart Safety Devices to Prevent Road Accidents

विद्यालय की छात्रा प्रिया नेगी और छात्र अखिल राणा ने राष्ट्रीय स्तर की ऑनलाइन क्षेत्रीय जिज्ञासा 2025-26 प्रतियोगिता में अपने मॉडल प्रस्तुत कर क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता Samsung और Agastya International Foundation द्वारा आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों में नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना था। जीआईसी के इन छात्रों ने जीवन रक्षक तकनीक पर आधारित मॉडल पेश कर निर्णायकों को प्रभावित किया।

नींद आते ही बजेगा अलार्म

द्वितीय पुरस्कार विजेता प्रिया नेगी ने “Sleeping Control Device for Driving” मॉडल तैयार किया। यह डिवाइस लंबी दूरी की ड्राइविंग के दौरान ड्राइवर की आंखों की गतिविधि पर नजर रखता है। जैसे ही ड्राइवर को नींद आने लगती है, आंखें झपकने की दर बढ़ती है, तुरंत अलार्म बजता है। इससे चालक सतर्क हो जाता है और संभावित दुर्घटना को टाला जा सकता है।

अल्कोहल कंट्रोल डिवाइस

तृतीय पुरस्कार विजेता अखिल राणा ने “Alcohol Control Device for Vehicle” मॉडल विकसित किया। यह सेंसर आधारित सिस्टम वाहन चालक की सांस में अल्कोहल की मात्रा का पता लगाता है। यदि चालक ने शराब का सेवन की तो वाहन का इंजन स्टार्ट नहीं होगा, या चलते वाहन को सुरक्षित रूप से बंद किया जा सकता है। यह तकनीक शराब पीकर वाहन चलाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगा सकती है।

शिक्षक के मार्गदर्शन में तैयार हुए मॉडल

विद्यालय के सहायक अध्यापक धनवीर शाह के नेतृत्व और मार्गदर्शन में छात्रों ने इन नवाचारों को तैयार किया। सड़क सुरक्षा की दिशा में यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।

सड़क सुरक्षा में गेम चेंजर साबित हो सकती है तकनीक

भारत में सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण ड्राइविंग के दौरान नींद और शराब का सेवन है। ऐसे में इन छात्रों द्वारा विकसित की गई सेंसर आधारित स्मार्ट डिवाइस भविष्य में वाहन सुरक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा बन सकती है।


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