उत्तराखंड: ऊर्जा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, MD हटे.. नए अफसरों को मिली जिम्मेदारी!
उत्तराखंड के ऊर्जा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। UPCL और UJVNL के प्रबंध निदेशकों को कार्यकाल पूरा होने के बाद पदमुक्त कर दिया गया है। साथ ही कई अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे पावर सेक्टर में नई व्यवस्था लागू की जा
Mar 18 2026 10:44AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड के ऊर्जा विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। प्रमुख सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम द्वारा जारी आदेशों के तहत उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) और उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVNL) के प्रबंध निदेशकों को उनके पदों से मुक्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई उनके कार्यकाल की समाप्ति के बाद की गई है, जिससे विभाग में नई नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया है।
Uttarakhand Power Sector Sees Key Leadership Changes
UPCL के प्रबंध निदेशक पद पर तैनात अनिल कुमार यादव को पदमुक्त कर दिया गया है। उन्हें 29 अक्टूबर 2021 को इस पद पर तीन साल या 60 वर्ष की आयु तक के लिए नियुक्त किया गया था। बाद में शासन ने 9 अक्टूबर 2024 को उन्हें अधिवर्षता आयु (30 जून 2024) के बाद दो साल का सेवा विस्तार भी दिया था। इसके बावजूद अब उनका कार्यकाल समाप्त मानते हुए उन्हें पद से हटा दिया गया है।
UJVNL के एमडी संदीप सिंघल भी हुए मुक्त
इसी तरह, उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVNL) के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल को भी पदमुक्त कर दिया गया है। उनकी नियुक्ति 29 जनवरी 2020 को तीन साल या 60 वर्ष की आयु तक के लिए की गई थी। बाद में 15 मार्च 2024 को उन्हें भी दो साल का सेवा विस्तार दिया गया था। अब शासन ने उनका कार्यकाल समाप्त मानते हुए उन्हें भी पद से हटा दिया है।
अन्य अधिकारियों पर भी गिरी गाज
इस प्रशासनिक बदलाव के तहत UPCL में निदेशक (परियोजना) पद पर तैनात अजय कुमार अग्रवाल को भी पदमुक्त कर दिया गया है। इससे साफ है कि ऊर्जा विभाग ने केवल शीर्ष स्तर ही नहीं, बल्कि अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी बदलाव किए हैं।
प्रबंध निदेशक पद का अतिरिक्त प्रभार
प्रमुख सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पहले 25 जनवरी 2024 को गजेन्द्र सिंह बुदियाल को पिटकुल (Power Transmission Corporation of Uttarakhand Limited) में निदेशक (परिचालन) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। अब उस आदेश को रद्द करते हुए उन्हें UPCL के प्रबंध निदेशक पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस अतिरिक्त जिम्मेदारी के लिए उन्हें कोई अतिरिक्त वेतन या भत्ता नहीं मिलेगा।
अजय कुमार सिंह को मिला अतिरिक्त कार्यभार
इसी क्रम में, 2 जनवरी 2024 को अजय कुमार सिंह को UJVNL में निदेशक (परिचालन) का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था। अब शासन ने उन्हें उनके वर्तमान दायित्वों के साथ ही UJVNL के प्रबंध निदेशक पद का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। यह जिम्मेदारी भी नियमित नियुक्ति होने तक ही रहेगी और इसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त वेतन या भत्ता नहीं दिया जाएगा।
कार्यक्षमता और जवाबदेही पर अधिक ध्यान
ऊर्जा विभाग का यह कदम संकेत देता है कि सरकार पावर सेक्टर में प्रशासनिक सुधार और नई कार्यप्रणाली लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। वरिष्ठ अधिकारियों को हटाकर नए या अतिरिक्त प्रभार सौंपने से यह साफ है कि शासन अब कार्यक्षमता और जवाबदेही पर अधिक ध्यान दे रहा है।
उत्तराखंड के ऊर्जा विभाग में हुए इस बड़े फेरबदल ने पावर सेक्टर में नई हलचल पैदा कर दी है। UPCL और UJVNL जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों में नेतृत्व परिवर्तन से आने वाले समय में नीतियों और कार्यप्रणाली में बदलाव देखने को मिल सकता है।