उत्तराखंड: देवलगढ़ की गुफा में मिले रहस्यमयी कंगन और हड्डियां, खुलेंगे सदियों पुराने राज
देवलगढ़ की एक प्राचीन गुफा में सफाई के दौरान कंगन और हड्डियों के अवशेष मिले हैं। पुरातत्व विभाग ने इन्हें कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, जिससे क्षेत्र के इतिहास पर नई रोशनी पड़ सकती है।
Mar 20 2026 6:04PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
श्रीनगर गढ़वाल के ऐतिहासिक क्षेत्र देवलगढ़ से एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज सामने आई है। यहां स्थित एक प्राचीन गुफा की सफाई के दौरान कंगन और हड्डियों के अवशेष मिलने से क्षेत्र में हलचल मच गई। सूचना मिलते ही पुरातत्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी अवशेषों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
Ancient Bracelets and Bone Remains Found in Devalgarh Cave
देवलगढ़ कभी गढ़वाल राजाओं की राजधानी रहा है और अपने समृद्ध इतिहास व धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहां भैरव गुफा, सिद्ध भैरव गुफा और नाथ सिद्धों की समाधियां मौजूद हैं, जो इस क्षेत्र को ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास बनाती हैं।
सफाई के दौरान मिला रहस्यमयी सामान
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देवलगढ़ विकास एवं संघर्ष समिति के अध्यक्ष और श्री राजराजेश्वरी मंदिर के मुख्य पुजारी कुंजिका प्रसाद उनियाल के अनुसार, गुफा की सफाई के दौरान मजदूरों को तीन कंगन (एक छोटा और दो बड़े) और हड्डियों के अवशेष मिले। इस खोज की तुरंत सूचना संबंधित विभाग को दी गई, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर सामग्री को सुरक्षित किया।
पुरातत्व विभाग ने शुरू की जांच
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पुरातत्व विभाग की टीम, जिसमें प्रभारी अनिल बिष्ट, मानचित्रकार प्रेम चंद्र ध्यानी और अन्य विशेषज्ञ शामिल थे, ने मौके पर पहुंचकर अवशेषों को कब्जे में लिया। इन अवशेषों को अब कार्बन डेटिंग और धातु परीक्षण के लिए भेजा जाएगा, जिससे इनके समयकाल और ऐतिहासिक महत्व का सटीक पता लगाया जा सके।
इतिहास के नए अध्याय की उम्मीद
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विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज देवलगढ़ के प्राचीन इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। संभावना जताई जा रही है कि इन अवशेषों से क्षेत्र में प्राचीन सभ्यता या धार्मिक गतिविधियों से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
इस खोज को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। लोगों ने क्षेत्र में और व्यापक स्तर पर पुरातात्विक संरक्षण और शोध कार्य कराने की मांग उठाई है, ताकि देवलगढ़ के इतिहास को और बेहतर तरीके से सामने लाया जा सके।
देवलगढ़ की इस खोज ने एक बार फिर इस क्षेत्र की ऐतिहासिक महत्ता को उजागर कर दिया है।