image: Captain Ashish Sharma Brave Leadership in Hormuz Crisis

उत्तराखंड के जांबाज कैप्टन आशीष, ईरान की बमबारी के बीच भारतीयों को भेजा स्वदेश; खुद जहाज में डटे रहे

होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारतीय जहाज के कैप्टन आशीष शर्मा ने 45 दिन तक जहाज पर रहकर अपने 12 क्रू मेंबरों को सुरक्षित भारत भेजा। पढ़ें उनकी बहादुरी की पूरी कहानी।
Apr 20 2026 7:27AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर तनाव गहराता जा रहा है। ईरान द्वारा जलमार्ग को बंद करने और जहाजों पर फायरिंग की घटनाओं के बाद कई देशों के जहाज इस अहम समुद्री रास्ते में फंस गए हैं। इनमें से एक भारतीय जहाज भी शामिल है।

Captain Ashish Sharma’s Brave Leadership in Hormuz Crisis

इस जहाज की कमान संभाल रहे हैं उत्तराखंड के रुड़की निवासी कैप्टन आशीष शर्मा। 45 दिनों से मुश्किल हालात में फंसे होने के बावजूद उन्होंने ऐसा फैसला लिया, जो उन्हें एक सच्चा नेता साबित करता है। जब हालात कुछ सामान्य हुए और जहाजों के लिए रास्ता खुला, तब कैप्टन आशीष के पास खुद पहले घर लौटने का मौका था। लेकिन उन्होंने अपने कर्तव्य को प्राथमिकता देते हुए:-पहले 12 क्रू मेंबरों को सुरक्षित भारत भेजा
खुद जहाज पर डटे रहने का फैसला किया
बाकी साथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी उठाईकैप्टन आशीष ने कहा “जहाज पर मौजूद हर सदस्य की सुरक्षा कैप्टन की पहली जिम्मेदारी होती है। जब तक मेरा अंतिम साथी सुरक्षित घर नहीं पहुंच जाता, मैं अपनी पोस्ट नहीं छोड़ सकता।” उनके इस बयान ने उनकी कर्तव्यनिष्ठा को और मजबूत बना दिया। आगे पढ़िए..

अभी और इंतजार बाकी

जानकारी के अनुसार जहाज को पूरी तरह सुरक्षित निकलने में अभी लगभग डेढ़ महीने का समय लग सकता है। इस दौरान कैप्टन आशीष ने वीडियो संदेश के जरिए अपने और अन्य क्रू मेंबरों के सुरक्षित होने की जानकारी दी है, जिससे उनके परिवारों को राहत मिली है। जिन 12 क्रू मेंबरों को भारत भेजा गया, उन्होंने रवाना होते समय अपने कैप्टन के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि कैप्टन के इस फैसले ने उनकी जान बचाई और उन्हें सुरक्षित घर पहुंचने का मौका मिला।

क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल आपूर्ति होती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और व्यापार को प्रभावित कर सकता है। तनाव के बीच भी भारतीय जहाज ‘देश गरिमा’ ने इस जलमार्ग को सफलतापूर्वक पार किया। यह भारतीय नौवहन निगम लिमिटेड का जहाज है और मार्च के बाद यह इस मार्ग को पार करने वाला 10वां भारतीय जहाज बन गया है।
कैप्टन आशीष शर्मा ने जिस तरह अपने कर्तव्य और मानवता को प्राथमिकता दी, वह एक प्रेरणादायक उदाहरण है। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने यह साबित किया कि सच्चा नेतृत्व वही होता है, जो सबसे पहले अपनी टीम की सुरक्षा को महत्व देता है।


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