image: 150 MBBS Seats Open at Srinagar Medical College

श्रीनगर गढ़वाल: MBBS की 150 सीटों पर एडमिशन, NEET UG के बाद मेडिकल कॉलेज ने शुरू की तैयारी

NEET UG 2026 के बाद श्रीनगर वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज में MBBS की 150 सीटों पर प्रवेश की तैयारी शुरू हो गई है। 85% सीटें राज्य कोटा और 15% सीटें ऑल इंडिया कोटा से भरी जाएंगी।
Jul 24 2026 4:04PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

एमबीबीएस कर डॉक्टर बनने का सपना देख रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर है। NEET UG परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद उत्तराखंड के श्रीनगर स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रवेश प्रक्रिया की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कॉलेज प्रशासन ने नए छात्रों के स्वागत और प्रवेश प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं शुरू कर दी हैं।

150 MBBS Seats Open at Srinagar Medical College

मेडिकल कॉलेज में इस शैक्षणिक सत्र के लिए एमबीबीएस की कुल 150 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। इनमें 85 प्रतिशत सीटें राज्य कोटा (State Quota) के तहत भरी जाएंगी। 15 प्रतिशत सीटें अखिल भारतीय कोटा (All India Quota) के माध्यम से आवंटित होंगी। काउंसिलिंग कार्यक्रम घोषित होने से पहले ही कॉलेज प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

प्राचार्य ने तैयारियों का लिया जायजा

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने शैक्षणिक अनुभाग का निरीक्षण कर प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रवेश के दौरान छात्रों और उनके अभिभावकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने सभी प्रवेश काउंटरों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

छात्रों के लिए होंगी बेहतर सुविधाएं

निरीक्षण के दौरान प्राचार्य ने छात्रों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, गर्मी को देखते हुए पंखों की उपलब्धता और शौचालयों की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने बंद पड़े शौचालयों को तत्काल चालू करने, कॉलेज परिसर की नियमित सफाई, विद्युत व्यवस्था सुचारु रखने और कैंपस में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

मेडिकल टेस्ट और हॉस्टल व्यवस्था भी होगी आसान

डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान छात्रों के मेडिकल परीक्षण और आवश्यक प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था भी सुव्यवस्थित की जाएगी, ताकि छात्रों को ओपीडी या अन्य औपचारिकताओं में किसी तरह की दिक्कत न हो। साथ ही छात्रावासों में मूलभूत सुविधाएं बेहतर करने, मेडिकल कॉलेज परिसर की कैंटीन में साफ-सफाई बनाए रखने, गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने और वाटर कूलर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन का उद्देश्य नए छात्रों को सहज, पारदर्शी और छात्र-अनुकूल प्रवेश प्रक्रिया उपलब्ध कराना है।


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