उत्तराखंड: “सब भात खैकन जरूर जाईं”... पैतृक गांव पहुंचे CM योगी, गढ़वाली अंदाज ने जीत लिया दिल
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने पैतृक गांव पंचूर में धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने के साथ ग्रामीणों से मुलाकात की। गढ़वाली भाषा में बातचीत कर उन्होंने लोगों का दिल जीत लिया और पलायन रोकने, खेती और आध्यात्मिकता से जुड़ने का संदेश दिया।
May 8 2026 9:11PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
Yogi Adityanath ने अपने पैतृक गांव Panchur पहुंचकर हरि विष्णु पंचदेव मंदिर में आयोजित मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भाग लिया। दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पूजा-अर्चना, यज्ञ और भक्ति कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हुए प्रदेश और देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
CM Yogi Adityanath’s Emotional Visit to Native Village Panchur
गुरुवार रात मुख्यमंत्री योगी मंदिर परिसर में आयोजित कीर्तन और पारंपरिक जागर कार्यक्रम में शामिल हुए। शुक्रवार को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने विधि-विधान से पूजा की और यज्ञ में आहुति डाली। धार्मिक माहौल और वैदिक परंपराओं के बीच पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि हर व्यक्ति को धर्म और आध्यात्मिकता से जुड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईश्वर में श्रद्धा रखने से मन शांत रहता है और सही निर्णय लेने की शक्ति मिलती है। उन्होंने विशेष रूप से वृद्धजनों से भक्ति मार्ग अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे मन और शरीर दोनों स्वस्थ रहते हैं।
गढ़वाली भाषा में बोले तो भावुक हुए ग्रामीण
धार्मिक कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी ग्रामीणों से मिले और गढ़वाली बोली में कहा, “सब भात खैकन जरूर जाईं” यानी सभी लोग भोजन करके जरूर जाएं। सीएम योगी को अपनी स्थानीय भाषा में बात करते देख ग्रामीण भावुक हो गए। लोगों ने कहा कि इतनी लोकप्रियता और बड़े पद पर होने के बावजूद योगी आज भी अपनी मिट्टी और संस्कृति से गहराई से जुड़े हुए हैं। मंदिर परिसर में आयोजित सामूहिक भोजन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे थे। सीएम योगी ने एक-एक कर लोगों से मुलाकात की और उनका हालचाल पूछा। ग्रामीण विकास, राहुल और सरोजनी देवी समेत कई लोगों ने कहा कि टीवी पर दिखने वाले योगी आदित्यनाथ से सीधे मिलना उनके लिए गर्व और भावुक पल था। आगे पढ़िए..
पलायन और बंजर खेतों पर जताई चिंता
सीएम योगी ने यमकेश्वर क्षेत्र में बढ़ते पलायन और बंजर होते खेतों पर चिंता जताई। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि खेत छोड़कर शहरों की ओर पलायन न करें, बल्कि खेती और स्वरोजगार से जुड़ें। उन्होंने कहा कि गांव और माटी से जुड़कर ही क्षेत्र का विकास संभव है। इस दौरान Swami Ramdev का उदाहरण देते हुए सीएम योगी ने ग्रामीणों से जैविक खेती अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव लगातार जैविक उत्पादों और खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र के किसानों को भी इससे प्रेरणा लेकर आधुनिक और लाभकारी खेती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के लिए कई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं से जुड़कर किसान अपने खेतों को उपजाऊ बना सकते हैं और आत्मनिर्भर बन सकते हैं।उन्होंने ग्रामीणों से अपनी माटी और गांव से जुड़े रहने का आह्वान किया।
मां से लिया आशीर्वाद, पिता की प्रतिमा का अनावरण
धार्मिक कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सीएम योगी अपने पैतृक घर पहुंचे, जहां उन्होंने परिवार के साथ समय बिताया और अपनी मां सावित्री देवी से आशीर्वाद लेकर विदाई ली। इसके बाद उन्होंने Mahayogi Guru Gorakhnath Mahavidyalaya पहुंचकर अपने स्वर्गीय पिता आनंद सिंह बिष्ट की प्रतिमा का अनावरण किया और फिर शाम को लखनऊ के लिए रवाना हो गए।