image: Police Statements Raise Questions in Champawat Minor Case Investigation

Uttarakhand: चंपावत गैंगरेप अगर सही निकला, तो पुलिस क्या कहेगी?

Champawat News: चंपावत नाबालिग गैंगरेप साजिश मामले में पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्तियों में लगातार बदलाव किए गए। इससे जांच प्रक्रिया और पुलिस के दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
May 11 2026 2:23PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

Champawat में कथित नाबालिग सामूहिक दुष्कर्म साजिश मामले के खुलासे के बाद अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। मामले में पुलिस द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्तियों में बार-बार संशोधन और तथ्यों में बदलाव किए जाने से विवाद गहराता जा रहा है।

Police Statements Raise Questions in Champawat Minor Case Investigation

इस मामले के खुलासे के दिन पुलिस अधीक्षक Rekha Yadav ने कहा था कि कथित साजिश जिस कमरे में रची गई, उसमें ताला नहीं लगा था। हालांकि बाद में जारी दूसरी विज्ञप्ति में दावा किया गया कि कमरे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया और फिर बाहर से दोबारा ताला लगाया गया। कुछ समय बाद इस तथ्य को भी विज्ञप्ति से हटा दिया गया। शुक्रवार को पुलिस विभाग की ओर से तीन अलग-अलग विज्ञप्तियाँ जारी की गईं। इनमें से कई तथ्यों को बदला गया और कुछ को हटाया गया, जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई।

पुनर्निर्माण का दावा भी हटाया गया

एक विज्ञप्ति में बताया गया था कि मामले की विवेचना उपनिरीक्षक Rajesh Joshi को सौंपी गई है और आरोपियों कमल सिंह रावत व अर्जिता राय को घटनास्थल पर ले जाकर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण कराया गया। लेकिन कुछ देर बाद इस बयान से “घटनाक्रम का पुनर्निर्माण कराया” वाला हिस्सा हटा दिया गया। इसके बाद विज्ञप्ति में नया तथ्य जोड़ा गया कि आरोपी Kamal Singh Rawat ने ग्राम सल्ली स्थित मकान का ताला तोड़कर एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को कमरे में रस्सी से बांधकर बंधक बनाया था। साथ ही आरोप लगाया गया कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर निर्दोष लोगों को झूठे पॉक्सो मुकदमे में फंसाने की साजिश रची गई। हालांकि कुछ समय बाद इस हिस्से को भी हटा दिया गया। आगे पढ़िए..

पुलिस की जांच पर उठे गंभीर सवाल

लगातार बदलते तथ्यों और संपादित प्रेस विज्ञप्तियों के कारण पुलिस के पूरे खुलासे और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं और लोग पुलिस की जल्दबाजी और विरोधाभासी दावों पर सवाल उठा रहे हैं।

एक दिन में तीन विज्ञप्तियां

मामले में जारी प्रेस विज्ञप्तियों का क्रम भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
पहली विज्ञप्ति दोपहर 3:43 बजे जारी हुई, जिसमें सोशल मीडिया पर पुलिस की नजर होने की बात कही गई।
दूसरी विज्ञप्ति शाम 5:30 बजे जारी हुई, जिसमें वैधानिक कार्रवाई शुरू होने का उल्लेख था।
तीसरी विज्ञप्ति शाम 6:38 बजे जारी की गई, जिसमें दो आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई।
बताया जा रहा है कि इसी तीसरी विज्ञप्ति में बाद में दो बार तथ्य बदले गए।


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