Uttarakhand News: ऋषिकेश में सड़क पर उतर आए गजराज, लोगों में फैली दहशत.. वन विभाग ने संभाली स्थिति
ऋषिकेश के आईडीपीएल क्षेत्र में सड़क पर अचानक जंगली हाथी आने से अफरा-तफरी मच गई। वन विभाग ने सुरक्षा के लिए वाहनों की आवाजाही रोक दी और लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
May 22 2026 8:08PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड के Rishikesh के आईडीपीएल क्षेत्र में शुक्रवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक दांत वाला जंगली हाथी अचानक सड़क पर आ गया। हाथी को सड़क पर घूमता देख लोगों में डर का माहौल बन गया और कई वाहन चालक बीच रास्ते में ही रुक गए।
Wild Elephant Causes Panic on Road in Rishikesh IDPL Area
हाथी की चहलकदमी को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग ने तुरंत सतर्कता बरती। सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि से बचा जा सके। शाम के समय टहलने निकले लोगों को भी वन विभाग की टीम ने आगे बढ़ने से रोक दिया। अधिकारियों ने लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। अचानक हाथी के रिहायशी इलाके के पास पहुंचने से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाथी काफी देर तक सड़क के आसपास घूमता रहा। इस दौरान लोग दूर से ही स्थिति को देखते रहे और कई लोग अपने घरों के भीतर चले गए। आगे पढ़िए..
घटना की सूचना मिलते ही Uttarakhand Forest Department की टीम मौके पर पहुंच गई। वन विभाग के कर्मचारियों ने पूरे क्षेत्र की निगरानी शुरू कर दी और हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। टीम ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए लोगों को हाथी से दूर रहने और किसी भी प्रकार का शोर न मचाने की सलाह दी। कुछ देर बाद हाथी सड़क पार कर वापस जंगल की ओर चला गया। हाथी के सुरक्षित रूप से जंगल में लौटने के बाद सड़क पर वाहनों और लोगों की आवाजाही दोबारा शुरू कर दी गई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
वन विभाग ने जारी की एडवाइजरी
Gambhir Singh Dhamanda ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी क्षेत्र में जंगली जानवर दिखाई दें तो घबराएं नहीं और न ही उनके पास जाने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों को देखकर शोर न मचाएं सुरक्षित दूरी बनाए रखें, वन विभाग के निर्देशों का पालन करें, जंगल से सटे इलाकों में सतर्कता बरतें।
विशेषज्ञों के अनुसार जंगलों के आसपास बढ़ती मानवीय गतिविधियों और भोजन-पानी की तलाश के कारण जंगली हाथियों की रिहायशी इलाकों में आवाजाही लगातार बढ़ रही है। इससे मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में भी इजाफा देखने को मिल रहा है।