पहाड़ की पीड़ा: सड़क के अभाव में 11 किमी डंडी-कंडी से ले जानी पड़ी बीमार महिला, 10 साल से सड़क का काम अधूरा
उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड में सड़क सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों ने एक बीमार महिला को 11 किलोमीटर डंडी-कंडी से सड़क तक पहुंचाया। ग्रामीणों ने अधूरी सड़क परियोजना को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है।
May 28 2026 7:19PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
मोरी विकासखंड से एक बार फिर ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पहाड़ों में बुनियादी सुविधाओं की हकीकत उजागर कर दी है। यहां सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को एक बीमार महिला को डंडी-कंडी के सहारे 11 किलोमीटर पैदल चलकर सड़क तक पहुंचाना पड़ा।
Sick Woman Carried 11 KM Due to Lack of Road in Uttarkashi
जानकारी के अनुसार उत्तरकाशी जिले के Seva Village निवासी 56 वर्षीय खंतरा देवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तेज बुखार, उल्टी-दस्त और पैरों में कमजोरी की शिकायत थी। हालत गंभीर होने पर ग्रामीणों ने तत्काल डंडी-कंडी तैयार की और महिला को पैदल रास्ते से धौला तक पहुंचाया। ग्रामीणों ने महिला को करीब 11 किलोमीटर कठिन पहाड़ी रास्तों से होते हुए सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद वाहन के जरिए उन्हें मोरी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। आगे पढ़िए..
स्थानीय निवासी Jagdeep Fauziyan ने बताया कि करीब दस वर्ष पहले धौला से सेवा गांव तक सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन आज तक पूरा नहीं हो पाया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने के कारण गांव के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों के अनुसार यह पहली घटना नहीं है। गांव में बीमारों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए अक्सर डंडी-कंडी का सहारा लेना पड़ता है। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि समय पर इलाज न मिलने के कारण कई मरीज रास्ते में ही दम तोड़ चुके हैं। उन्होंने कई बार शासन और प्रशासन को लिखित व मौखिक रूप से समस्या बताई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सड़क निर्माण जल्द पूरा करने का दावा
पीएमजीएसवाई का सहायक अभियंता Subhash Dauriyal ने बताया कि सेवा गांव सड़क निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि कोशिश की जा रही है कि जल्द सड़क पूरी कर ग्रामीणों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण पूरा नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।