उत्तराखंड के 24 लाख से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस, जानिए क्या करना होगा
उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण के दूसरे चरण के तहत मतदाताओं को ERO के फैसले के खिलाफ पहले जिलाधिकारी और फिर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास अपील का अधिकार मिलेगा। जानें फॉर्म-6, 7 और 8 की पूरी प्रक्रिया।
Jul 31 2026 5:58PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के दूसरे चरण के तहत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की है। अब यदि कोई मतदाता निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) के फैसले से संतुष्ट नहीं होता है, तो उसे पहले जिलाधिकारी (DM) और उसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के समक्ष अपील करने का अधिकार मिलेगा।
Uttarakhand Voter List Update: Appeal Process Explained
सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के पहले चरण के बाद प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची में 71,33,785 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम, पता और अन्य विवरणों का सावधानीपूर्वक मिलान करें।
24 लाख से अधिक मतदाताओं को भेजे जा रहे नोटिस
निर्वाचन आयोग के अनुसार, जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में विसंगतियां मिली हैं या जिनकी जानकारी अधूरी है, ऐसे 24 लाख से अधिक मतदाताओं को बीएलओ (Booth Level Officer) के माध्यम से नोटिस भेजे जा रहे हैं। आगे पढ़िए..
नोटिस प्राप्त होने के बाद संबंधित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज जमा करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा। सभी विधानसभा क्षेत्रों में AERO और ERO की निगरानी में बूथ स्तर पर ही सुनवाई की व्यवस्था की गई है।
मैदानी क्षेत्रों में लगेंगे विशेष शिविर
मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मैदानी क्षेत्रों में बूथ या उसके आसपास विशेष शिविर लगाए जाएंगे, ताकि लोग आसानी से अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकें।
13 अगस्त तक कर सकते हैं दावा और आपत्ति
निर्वाचन आयोग ने बताया कि 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक मतदाता फॉर्म-6 के जरिए नया नाम जुड़वा सकते हैं। फॉर्म-7 के माध्यम से नाम हटाने का अनुरोध कर सकते हैं। फॉर्म-8 से नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन करा सकते हैं। इन दावों और आपत्तियों का निस्तारण 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक किया जाएगा।
ERO के फैसले से असंतुष्ट हैं तो ऐसे करें अपील
यदि किसी मतदाता को ERO के निर्णय पर आपत्ति है, तो वह दो सप्ताह के भीतर जिलाधिकारी कार्यालय में अपील कर सकता है। यदि जिलाधिकारी के निर्णय से भी संतुष्टि नहीं होती, तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में दूसरी अपील का अधिकार भी उपलब्ध रहेगा। निर्वाचन आयोग ने पात्र नागरिकों से अपील की है कि यदि उनका नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं है, तो वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर अपना नाम अवश्य जुड़वाएं।