रुद्रप्रयाग: तुंगनाथ यात्रा कर रही महिला के साथ दुर्व्यवहार, युवक की पिटाई.. वीडियो वायरल
तुंगनाथ धाम के पैदल मार्ग पर महिला यात्री और स्थानीय युवक के बीच विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। महिला ने अनुचित तरीके से छूने का आरोप लगाया...
Sep 10 2026 7:55PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित प्रसिद्ध तुंगनाथ धाम के पैदल यात्रा मार्ग से सामने आए एक वायरल वीडियो ने विवाद खड़ा कर दिया है। वीडियो में कुछ यात्री एक स्थानीय युवक के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत एक महिला यात्री और स्थानीय युवक के बीच हुई कहासुनी से हुई।
Woman on Tungnath pilgrimage subjected to mistreatment
मामला महिला यात्री को रास्ते में कथित तौर पर छूने और उसके साथ अनुचित व्यवहार के आरोप से जुड़ा बताया जा रहा है। वहीं, युवक ने आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि महिला अचानक असंतुलित होकर खाई की ओर गिरने की स्थिति में पहुंच गई थी और उसने उसे दुर्घटना से बचाने के लिए सहारा दिया था। फिलहाल घटना को लेकर दोनों पक्षों के दावे सामने आए हैं, लेकिन किसी भी दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
महिला यात्री ने युवक पर लगाए गंभीर आरोप
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में महिला यात्री स्थानीय युवक पर उसकी अनुमति के बिना छूने और मदद करने के दौरान कथित तौर पर मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप लगाती नजर आ रही है। महिला के आरोपों के बाद मौके पर मौजूद कुछ यात्री नाराज हो गए। इसके बाद कुछ लोगों ने युवक को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। वायरल वीडियो में युवक के हाथ पर चोट के निशान भी दिखाई देने की बात सामने आई है। घटना के दौरान मौजूद किसी यात्री ने पूरे विवाद का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और मामले ने तूल पकड़ लिया। आगे पढ़िए..
युवक ने बताई महिला को बचाने की वजह
वहीं, स्थानीय युवक ने अपने बचाव में महिला यात्री के आरोपों को गलत बताया है। युवक के मुताबिक, महिला अचानक असहज हुई और रास्ते पर अपना संतुलन खो बैठी थी। तुंगनाथ यात्रा मार्ग कई जगहों पर पहाड़ी और संकरा है। युवक का दावा है कि उसे लगा कि महिला असंतुलित होकर रास्ते से नीचे गिर सकती है। इसी आशंका के चलते उसने तत्काल महिला को संभालने के लिए उसका सहारा लिया। युवक का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल महिला को संभावित दुर्घटना से बचाना था और उसने किसी गलत नीयत से उसे नहीं छुआ। उसके मुताबिक, यदि उसे अंदाजा होता कि उसकी मदद को गलत तरीके से समझा जाएगा, तो वह हस्तक्षेप नहीं करता।
मदद करने की बात पर भी सामने आया अलग दावा
मामले से जुड़े वायरल वीडियो में बातचीत के दौरान महिला की ओर से भी युवक के मदद के लिए आगे आने की बात सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, महिला का आरोप है कि मदद करने के दौरान युवक ने कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किया। यही विरोधाभासी दावे पूरे मामले का मुख्य बिंदु बने हुए हैं। एक तरफ महिला अपने साथ कथित अनुचित व्यवहार की बात कह रही है, जबकि युवक का कहना है कि उसने महिला को गिरने से बचाने के लिए ऐसा किया था। इसलिए घटना की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। आगे पढ़िए..
मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
घटना के बाद रिकॉर्ड किया गया वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल गया। वीडियो में कुछ लोग युवक के साथ मारपीट करते हुए नजर आ रहे हैं। घटना ने यात्रा मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा और विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में लेने को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। किसी व्यक्ति पर आरोप लगने की स्थिति में उसके साथ मारपीट करने के बजाय पुलिस को सूचना देकर कानूनी प्रक्रिया अपनाना जरूरी है।
शिकायत नहीं मिलने के बावजूद पुलिस ने लिया संज्ञान
रुद्रप्रयाग पुलिस के अनुसार, इस मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत या तहरीर नहीं दी गई है। हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को पुलिस ने गंभीरता से लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस वायरल वीडियो के साथ-साथ घटना से जुड़े लोगों के बयानों और उपलब्ध तथ्यों की पड़ताल कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि महिला वास्तव में किस परिस्थिति में असंतुलित हुई थी, युवक ने उसे किस स्थिति में सहारा दिया और इसके बाद विवाद किस तरह मारपीट तक पहुंचा।
जांच के बाद सामने आएगी घटना की वास्तविक सच्चाई
तुंगनाथ धाम उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु व पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रा मार्ग पर हुई इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है। फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने तक महिला यात्री और स्थानीय युवक की ओर से लगाए गए आरोपों में से किसी को भी अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। घटना की वास्तविक वजह और मारपीट की परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट होंगी।