image: MBBS Admission SC-ST Certificates of 8 Candidates Under Scrutiny

उत्तराखंड: MBBS दाखिले में अब जाति प्रमाणपत्र भी जांच के घेरे में, मूल दस्तावेजों के साथ SC-ST के 8 अभ्यर्थी तलब

उत्तराखंड में MBBS दाखिले की काउंसलिंग के दौरान अब SC-ST जाति प्रमाणपत्रों की वैधता पर भी सवाल उठे हैं। शिकायत मिलने के बाद आठ अभ्यर्थियों को मूल दस्तावेजों के साथ तलब किया गया है।
Sep 15 2026 10:41AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

उत्तराखंड में MBBS दाखिले की काउंसलिंग को लेकर चल रही जांच अब जाति प्रमाणपत्रों तक पहुंच गई है। नीट-यूजी काउंसलिंग के प्रथम चरण में सीट हासिल करने वाले आठ अभ्यर्थियों के SC-ST प्रमाणपत्रों को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी आठ अभ्यर्थियों को मूल दस्तावेजों के साथ तलब किया है।

MBBS Admission: SC-ST Certificates of 8 Candidates Under Scrutiny

विश्वविद्यालय प्रशासन अब इन प्रमाणपत्रों की विस्तृत जांच करेगा। सत्यापन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र निर्धारित नियमों और आरक्षण की पात्रता के अनुरूप हैं या नहीं।

आठ अभ्यर्थियों के जाति प्रमाणपत्रों पर उठे सवाल

NEET-UG काउंसलिंग के पहले चरण में MBBS सीट हासिल करने वाले आठ अभ्यर्थियों के SC-ST आरक्षण से जुड़े प्रमाणपत्रों को लेकर शिकायतें मिली हैं। शिकायतों में इन प्रमाणपत्रों की वैधता और आरक्षण का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थियों की पात्रता पर सवाल उठाए गए हैं। इसके बाद विश्वविद्यालय ने सभी आठ अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का गहन सत्यापन कराने का फैसला लिया है।

मूल दस्तावेजों के साथ विश्वविद्यालय बुलाया

विश्वविद्यालय प्रशासन मंगलवार को सभी आठ अभ्यर्थियों के मूल जाति प्रमाणपत्र और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच करेगा। आगे पढ़िए..

अभ्यर्थियों से मूल दस्तावेज इसलिए मंगाए गए हैं, ताकि प्रमाणपत्रों की वास्तविकता और उनकी वैधता की सही तरीके से पुष्टि की जा सके।

इन बिंदुओं पर होगी जांच

दस्तावेज सत्यापन के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच करेगा।
इनमें मुख्य रूप से जाति प्रमाणपत्र किस सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया है।
प्रमाणपत्र की वैधता क्या है।
संबंधित अभ्यर्थी SC-ST आरक्षण का लाभ लेने के लिए निर्धारित पात्रता पूरी करता है या नहीं।
प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेजों में दर्ज जानकारी सही है या नहीं।
आरक्षण का लाभ लेने के लिए लागू नियमों का पालन हुआ है या नहीं।

सत्यापन के बाद सामने आएगी शिकायत की वास्तविकता

विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल ने आठ अभ्यर्थियों को मूल दस्तावेजों के साथ बुलाए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सभी प्रमाणपत्रों की गहनता से जांच की जाएगी। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही शिकायतों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। यदि जांच में किसी प्रमाणपत्र को निर्धारित नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो संबंधित अभ्यर्थी के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

MBBS काउंसलिंग में दस्तावेजों की जांच पर बढ़ा फोकस

उत्तराखंड में MBBS दाखिले से जुड़े प्रमाणपत्रों को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। अब SC-ST प्रमाणपत्रों की शिकायत सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने दस्तावेज सत्यापन को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। फिलहाल आठ अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र जांच के दायरे में हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह तय होगा कि प्रमाणपत्र वैध हैं या इनमें किसी तरह की अनियमितता सामने आती है।


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