उत्तराखंड: उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का मिलेगा लाभ, 3 चरणों में लागू होगा फैसला
उत्तराखंड में उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ते का लाभ देने के लिए शासन ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं कर्मचारियों को उनकी नियुक्ति अवधि के आधार पर तीन चरणों में लाभ मिलेगा
Sep 15 2026 12:50PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड में उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। शासन ने कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ते (DA) का लाभ देने को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
UPAL Employees to Get Minimum Pay and DA Benefits in Three Phases
सैनिक कल्याण विभाग की ओर से 14 सितंबर 2026 को जारी पत्र में कर्मचारियों को लाभ देने, अतिरिक्त कर्मचारियों के समायोजन और जरूरत पड़ने पर अधिसंख्यक पद सृजित करने की व्यवस्था स्पष्ट की गई है। यह फैसला हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन और पूर्व में जारी शासनादेशों के क्रम में लिया गया है।
तीन चरणों में मिलेगा न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ता
शासन ने उपनल कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ते का लाभ तीन चरणों में देने का निर्णय लिया है। कर्मचारियों की नियुक्ति की तारीख के आधार पर लाभ मिलने की समयसीमा निर्धारित की गई है।
पहला चरण:- 1 जनवरी 2016 से पहले नियुक्त और वर्तमान में कार्यरत उपनल कर्मचारियों के संबंध में लाभ देने की प्रक्रिया पहले से जारी है।
इन कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ते का लाभ देने के लिए शासन स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।
दूसरा चरण :- 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 के बीच नियुक्त उपनल कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ते का लाभ देने की कार्रवाई 9 नवंबर 2026 से शुरू की जाएगी।
तीसरा चरण :- वहीं 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 के बीच नियुक्त कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ते का लाभ देने की प्रक्रिया 1 अप्रैल 2027 से शुरू होगी। इस तरह शासन ने अलग-अलग नियुक्ति अवधि के कर्मचारियों के लिए लाभ लागू करने की समयसीमा स्पष्ट कर दी है।
2016 से पहले नियुक्त कर्मचारियों को बड़ी राहत
शासन के निर्देशों में उपनल कर्मचारियों की सेवा के बीच आने वाले Artificial Break यानी कृत्रिम सेवा व्यवधान को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। सैनिक कल्याण विभाग के 20 फरवरी 2026 के शासनादेश में उल्लेखित संबंधित शर्त/प्रतिबंध को हटाते हुए उन उपनल कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने की व्यवस्था की गई है, जो 1 जनवरी 2016 से पहले से कार्यरत हैं और वर्तमान में भी सेवा में हैं। इससे लंबे समय से उपनल के माध्यम से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। आगे पढ़िए..
अतिरिक्त उपनल कर्मचारियों का होगा समायोजन
जिन विभागों में स्वीकृत पदों की संख्या से अधिक उपनल कर्मचारी कार्यरत हैं, उनके लिए भी शासन ने समायोजन की व्यवस्था तय की है। ऐसे मामलों में डेट ऑफ ज्वाइनिंग के आधार पर वरिष्ठता क्रम में पहले आने वाले कर्मचारियों को उपलब्ध स्वीकृत पदों के सापेक्ष समायोजित किया जाएगा। इसके बाद बचे हुए कर्मचारियों को दूसरे विभागों में उपलब्ध समकक्ष रिक्त पदों के सापेक्ष समायोजित करने का प्रयास किया जाएगा।
जरूरत पड़ी तो बनाए जाएंगे अधिसंख्यक पद
यदि अतिरिक्त उपनल कर्मचारियों का दूसरे विभागों में भी समायोजन संभव नहीं हो पाता है, तो उनके लिए अधिसंख्यक पद (Supernumerary Posts) सृजित किए जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर पर अलग व्यवस्था और समिति गठित किए जाने की बात कही गई है।
समायोजन तक मानदेय का होगा भुगतान
दूसरे विभागों में स्वीकृत या अधिसंख्यक पदों के सापेक्ष समायोजन होने तक संबंधित कर्मचारियों को सैनिक कल्याण विभाग के 3 फरवरी 2026 के शासनादेश के अनुसार मानदेय का भुगतान किया जाएगा। इसके बाद समायोजन या अधिसंख्यक पद सृजित होने पर 1 मार्च 2026 से वास्तविक समायोजन होने तक की अवधि के अंतर की धनराशि का एरियर भी दिए जाने की व्यवस्था की गई है।
बोर्ड-निगमों के कर्मचारियों के लिए भी स्थिति साफ
शासन ने निगमों, परिषदों और स्वायत्तशासी संस्थाओं के माध्यम से उपनल पर कार्यरत कर्मचारियों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में इन संस्थाओं को अपने स्तर पर न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ते का लाभ देने के संबंध में निर्णय लेना होगा। हालांकि, इसका आर्थिक भार संबंधित निगम, परिषद या संस्था को अपने संसाधनों से उठाना होगा। राज्य सरकार की ओर से इसके लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।
हजारों उपनल कर्मचारियों को राहत की उम्मीद
शासन के इस फैसले से उत्तराखंड के विभिन्न विभागों में लंबे समय से उपनल के माध्यम से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर पुराने कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतनमान, महंगाई भत्ता और Artificial Break से जुड़ी व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब कर्मचारियों को उनकी नियुक्ति अवधि के अनुसार तय समयसीमा में न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ते का लाभ मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।