image: India-US Joint Military Exercise Begins in Auli

उत्तराखंड: पहाड़ में गरजेगा भारत-अमेरिका का ‘युद्ध अभ्यास’, औली पहुंचे 1200 जवान

उत्तराखंड के औली में भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास-2026’ के 22वें संस्करण का उद्घाटन हुआ। अभ्यास में दोनों देशों के करीब 1,200 जवान हिस्सा ले रहे हैं।
Sep 15 2026 7:55PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली में भारत और अमेरिका की सेनाओं का संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू हो गया है। भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास’ के 22वें संस्करण का उद्घाटन औली स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में किया गया। इस सैन्य अभ्यास में भारत और अमेरिका के 600-600 जवानों की टुकड़ियां हिस्सा ले रही हैं। अभ्यास औली के साथ राजस्थान स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भी आयोजित किया जा रहा है।

India-US Joint Military Exercise Begins in Auli

इस संयुक्त सैन्य अभ्यास का मुख्य उद्देश्य पर्वतीय और अर्ध-पर्वतीय क्षेत्रों में संयुक्त युद्ध अभियानों की क्षमता बढ़ाना है। अभ्यास में पैदल सेना आधारित अभियानों पर विशेष जोर दिया जाएगा। दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे के साथ प्रशिक्षण लेते हुए संयुक्त अभियान की योजना बनाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने का अभ्यास करेंगे। अभ्यास के जरिए दोनों सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी यानी संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा दोनों देशों की सेनाएं अपने-अपने अनुभव और बेहतर सैन्य रणनीतियों को साझा करेंगी। इससे संयुक्त योजना, संचालन और युद्धाभ्यास के दौरान समन्वय को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों का होगा इस्तेमाल

इस बार के युद्ध अभ्यास में आधुनिक तकनीक को खास महत्व दिया गया है। प्रशिक्षण के दौरान निगरानी और टोही अभियानों के लिए ड्रोन तथा स्वायत्त प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे सैनिकों को आधुनिक युद्धक्षेत्र में तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।

आधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन

अभ्यास के दौरान राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। दोनों देशों के सैनिक इन प्रणालियों के इस्तेमाल और परिचालन क्षमता को समझने के साथ-साथ विभिन्न सैन्य परिस्थितियों में इनके उपयोग का अभ्यास करेंगे।

बहु-क्षेत्रीय युद्ध पर भी चर्चा

संयुक्त अभ्यास के दौरान दोनों सेनाओं के विशेषज्ञ उभरती सैन्य तकनीकों और बहु-क्षेत्रीय युद्ध (Multi-Domain Warfare) में हो रहे बदलावों पर भी विचार साझा करेंगे। इस दौरान आधुनिक युद्ध में ड्रोन, स्वायत्त प्रणालियों और अन्य तकनीकों की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा होगी।

दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने किया संबोधित

उद्घाटन समारोह में अमेरिकी सेना की 14वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल अमरेश गुंजन और 11वीं एयरबोर्न डिवीजन की पहली इन्फैंट्री ब्रिगेड कॉम्बैट टीम के कमांडर कर्नल बेंजामिन जैकमैन ने दोनों देशों के सैन्य दलों को संबोधित किया। यह अभ्यास भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ दोनों सेनाओं को पर्वतीय युद्ध और आधुनिक तकनीक आधारित अभियानों में संयुक्त रूप से प्रशिक्षण देने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।


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