उत्तराखंड: 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म मामले में 5 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया ₹15.20 लाख जुर्माना
हरिद्वार में छह वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी दोषियों पर संयुक्त रूप से 15.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
Sep 16 2026 9:19PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
जनपद हरिद्वार में छह वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश रमेश सिंह ने बुधवार को मामले में फैसला सुनाया। अदालत ने सभी दोषियों पर संयुक्त रूप से 15 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषियों को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
Five Convicted in 6-Year-Old Girl Rape Case Sentenced to Life Imprisonment
शासकीय अधिवक्ता के अनुसार, मामला 24 जून 2022 का है। कलियर क्षेत्र में एक महिला अपनी छह वर्षीय बेटी के साथ मांगकर जीवन-यापन करती थी। बताया गया कि 24 जून की शाम महिला अपनी बच्ची के साथ कलियर से रुड़की की ओर जा रही थी। रास्ते में उसकी मुलाकात महक सिंह उर्फ सोनू से हुई। अभियोजन के अनुसार, महक सिंह ने महिला को 100 रुपये दिए और इसके बाद अपने चार अन्य साथियों के साथ महिला और बच्ची को वाहन में बैठाकर रुड़की की ओर ले गया। आगे पढ़िए..
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, रुड़की पहुंचने से पहले महक सिंह उर्फ सोनू ने छह वर्षीय बच्ची को ईख के खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद सभी आरोपी महिला और बच्ची को मुख्य मार्ग पर उतारकर वहां से चले गए। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने महक सिंह उर्फ सोनू को बच्ची से दुष्कर्म का दोषी माना। वहीं राजीव उर्फ विक्की तोमर, सोनू तेजियान, सुबोध कुमार और जगदीश को अपहरण और दुष्कर्म में शामिल होने का दोषी ठहराया गया। अदालत ने पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
15.20 लाख रुपये का जुर्माना
फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने सभी दोषियों पर संयुक्त रूप से 15 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना अदा नहीं करने पर सभी दोषियों को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया फैसला
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में हुई। करीब चार साल बाद अदालत ने मामले में फैसला सुनाते हुए पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला बाल यौन अपराधों से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय की प्रक्रिया के तहत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।