उत्तराखंड: शिक्षकों को AI में दक्ष बनाने की तैयारी, SCERT और Kotak Education Foundation के बीच MoU
उत्तराखंड में शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की समझ और तकनीकी दक्षता देने के लिए SCERT उत्तराखंड और कोटक एजुकेशन फाउंडेशन ने MoU किया है।
Sep 30 2026 6:57PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में पहल शुरू हुई है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) उत्तराखंड और कोटक एजुकेशन फाउंडेशन (KEF) के बीच शिक्षकों की AI साक्षरता और दक्षता बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य राज्यभर के शिक्षकों को AI और डिजिटल तकनीक से जुड़ी जरूरी जानकारी और कौशल उपलब्ध कराना है, ताकि तकनीक को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जा सके।
Uttarakhand Teachers to Get AI Training
MoU के तहत SCERT उत्तराखंड, खासकर उसका IT विभाग, और Kotak Education Foundation मिलकर शिक्षकों के लिए शैक्षिक कंटेंट तैयार करेंगे। इसके साथ ही ऑनलाइन पाठ्यक्रम विकसित करने, तकनीकी सहायता देने और तैयार पाठ्यक्रमों को लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों को DIKSHA, UK e-Srijan और Mission Karmayogi जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिक्षकों तक पहुंचाने की योजना है।
‘AI Course for Educators’ को उत्तराखंड के लिए किया जाएगा तैयार
साझेदारी के तहत KEF, SCERT उत्तराखंड के साथ मिलकर ‘AI Course for Educators’ को राज्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार और लागू करेगा। भविष्य में विकसित होने वाले पाठ्यक्रमों में AI और उभरती डिजिटल शिक्षण पद्धतियों को भी शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य शिक्षकों को कक्षा में तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल के लिए तैयार करना है। आगे पढ़िए..
दूरस्थ जिलों के शिक्षकों तक पहुंचाने पर जोर
SCERT उत्तराखंड की निदेशक (अकादमिक) बंदना गर्ब्याल ने साझेदारी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे उत्तराखंड के शिक्षकों, विशेष रूप से दूरस्थ जिलों में काम कर रहे शिक्षकों तक AI-सक्षम और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह सहयोग बेहतर शिक्षण, विद्यार्थियों में नवाचार और भविष्य के लिए तैयार कक्षाओं की दिशा में काम करने की शुरुआत है।
महाराष्ट्र में पहले से लागू है AI कोर्स
Kotak Education Foundation का AI पाठ्यक्रम इससे पहले महाराष्ट्र में भी लागू किया जा चुका है। KEF के अनुसार, ‘एजुकेटर्स के लिए एआई साथी’ नाम से मराठी में विकसित यह पाठ्यक्रम SCERT महाराष्ट्र के साथ साझेदारी में तैयार किया गया है और DIKSHA प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। फाउंडेशन के मुताबिक, इस पाठ्यक्रम के जरिए महाराष्ट्र में 7.5 लाख से अधिक शिक्षकों तक पहुंच बनाई जा चुकी है। अब इसी राज्य-स्तरीय मॉडल को उत्तराखंड के शिक्षकों तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा।
MoU समारोह में ये अधिकारी रहे मौजूद
MoU हस्ताक्षर समारोह में SCERT की अकादमिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण निदेशक बंदना गर्ब्याल, उप निदेशक विनोद मथुरा, सहायक निदेशक डॉ. के. एन. बिजल्वाण, IT विभाग से रमेश प्रसाद बडोनी तथा Kotak Education Foundation की COO जयश्री रमेश, मिलिंद पांडे और दीपक पाठक मौजूद रहे। SCERT की ओर से इस साझेदारी को शिक्षकों के पेशेवर विकास और राज्य की बदलती शैक्षिक जरूरतों के अनुरूप तकनीकी क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग बताया गया है।