देहरादून में दो इंजीनियरों की संदिग्ध मौत, जनरेटर रूम में पड़े मिले अचेत
देहरादून के ट्रांसपोर्ट नगर में जनरेटर रूम में दो इंजीनियर बेहोश मिले, अस्पताल पहुंचने से पहले दोनों की मौत हो गई। पुलिस को जनरेटर से निकली गैस के कारण दम घुटने की आशंका है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की असली वजह स्पष्ट होगी।
Oct 1 2026 6:07PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
पटेलनगर थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर में एक इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के जनरेटर रूम में दो इंजीनियर बेहोशी की हालत में मिले। पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
Two Engineers Die in Dehradun Generator Room
जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर में एक इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के जनरेटर रूम में दो इंजीनियर बेहोशी की हालत में मिले। सुबह गार्ड ने जनरेटर रूम का दरवाजा खोला तो अंदर दोनों इंजीनियर अचेत पड़े थे। उसने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल ले गई। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान
मृतकों की पहचान 29 वर्षीय रोहित सिंह, निवासी हरिद्वार और 26 वर्षीय लवकुश, पुत्र रामसागर, निवासी फैजाबाद, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। दोनों सिंधु सेंटर स्थित ईशान नेट सोल प्राइवेट लिमिटेड में इंजीनियर के तौर पर काम करते थे। दोनों इंटरनेट मेंटेनेंस से जुड़े कार्य देखते थे।
रात में तकनीकी खराबी की जांच करने गए थे
पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात करीब 12:30 बजे कंपनी में तकनीकी समस्या आई थी। इसके बाद दोनों इंजीनियर समस्या की जांच करने के लिए जनरेटर रूम में गए थे। इसके बाद दोनों कमरे से बाहर नहीं निकले। बुधवार सुबह गार्ड ने जब उन्हें अचेत अवस्था में देखा तो पुलिस को सूचना दी।
जनरेटर की गैस से दम घुटने की आशंका
पटेल नगर कोतवाली प्रभारी नरेश राठौर के अनुसार, दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस को प्रथम दृष्टया जनरेटर से निकली गैस के कारण दम घुटने की आशंका है। हालांकि, पुलिस ने इसे अभी मौत का अंतिम कारण नहीं माना है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जनरेटर रूम में किस तरह की तकनीकी खराबी हुई थी और वहां गैस जमा होने की स्थिति कैसे बनी। जांच में जनरेटर रूम की स्थिति, तकनीकी व्यवस्था और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं को भी देखा जा रहा है।