उत्तराखंड: मंचों पर हुआ अपमान, संगठन में चल रहा ‘वन मैन शो’...जुबिन नौटियाल के पिता ने छोड़ी BJP
भाजपा से इस्तीफा देने के बाद रामशरण नौटियाल ने संगठन में अनुशासनहीनता और सार्वजनिक मंचों पर अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी अन्य पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं और आगे की राजनीति पर सोच-विचार के बाद फैसला लेंगे।
Oct 1 2026 9:14PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड में भाजपा नेता और गायक जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर उनका अपमान हुआ और संगठन में ‘वन मैन शो’ चल रहा है। उन्होंने पार्टी छोड़ने की मुख्य वजह अनुशासनहीनता और सम्मान की कमी को बताया। हालांकि, उन्होंने फिलहाल किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने की बात से इनकार किया है।
BJP Leader Ramsharan Nautiyal Resigns
जानकारी के अनुसार आज गुरुवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल ने पार्टी से इस्तीफा देने के बाद मीडिया के सामने अपनी बात रखी। रामशरण नौटियाल वर्ष 2022 में भाजपा के टिकट पर चकराता विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। इस्तीफे के बाद उन्होंने पार्टी संगठन के भीतर चल रही स्थिति और अपने अनुभवों को लेकर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि किसी समर्पित कार्यकर्ता के लिए सम्मान और मान-सम्मान बेहद महत्वपूर्ण होता है।
‘मंचों पर मेरा अपमान हुआ’
रामशरण नौटियाल ने कहा कि भाजपा में उन्हें कई वरिष्ठ और कनिष्ठ नेताओं का स्नेह मिला, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर उनका अपमान भी किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन में ‘वन मैन शो’ चल रहा है। उनके मुताबिक, पार्टी छोड़ने के फैसले के पीछे संगठन में अनुशासनहीनता प्रमुख कारणों में से एक है। उन्होंने यह भी कहा कि वह राजनीति में ठेके-पट्टे या निजी फायदे के लिए नहीं आए थे, बल्कि अपने क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए राजनीति में आए थे।
इस्तीफा भेजने के तरीके पर भी दी सफाई
रामशरण नौटियाल के इस्तीफे को लेकर भाजपा प्रदेश नेतृत्व की ओर से शुरुआती तौर पर जानकारी न होने की बात कही गई थी। आगे पढ़िए..
इस पर नौटियाल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने स्वयं पार्टी कार्यालय जाकर इस्तीफा नहीं दिया था। उनके अनुसार, उन्होंने अपने स्टेनो के माध्यम से पार्टी कार्यालय में इस्तीफा भेजा था। इसके बाद किसी तरह का संशय न रहे, इसके लिए उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को ईमेल के माध्यम से भी अपना आधिकारिक इस्तीफा भेज दिया।
‘अनुशासन की उम्मीद थी, लेकिन हकीकत अलग निकली’
रामशरण नौटियाल ने पार्टी के अनुशासन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह भाजपा में इस उम्मीद के साथ आए थे कि संगठन में कड़ा अनुशासन होगा, लेकिन उनका अनुभव इसके विपरीत रहा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वानों का पालन करने की बात कही। साथ ही आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर कुछ लोग एक तरफ टिकट की मांग करते हैं और दूसरी तरफ उनके बारे में यह कहते हैं कि उनका इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी के ही कुछ लोग अनुसूचित जाति से आने वाले मंत्री के खिलाफ सार्वजनिक विरोध और बयानबाजी कर रहे हैं। ये उनके द्वारा लगाए गए आरोप हैं; इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।
कांग्रेस या UKD में जाने पर क्या बोले?
रामशरण नौटियाल के भाजपा छोड़ने के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें लग रही हैं। कुछ रिपोर्टों में कांग्रेस में शामिल होने की संभावनाओं का जिक्र किया गया है। हालांकि, रामशरण नौटियाल ने फिलहाल इन अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ भाजपा छोड़ी है और किसी अन्य दल की सदस्यता नहीं ली है। उन्होंने खुद को फिलहाल स्वतंत्र व्यक्ति बताते हुए कहा कि आगे की राजनीतिक राह के बारे में सोच-विचार करने के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लेंगे।
2022 में चकराता से भाजपा के टिकट पर लड़ा था चुनाव
रामशरण नौटियाल ने 2022 विधानसभा चुनाव में चकराता सीट से भाजपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार उन्हें 27,417 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के प्रीतम सिंह को 36,853 वोट मिले थे। इस्तीफे से पहले भी रामशरण नौटियाल और स्थानीय भाजपा नेताओं के बीच मतभेद सार्वजनिक चर्चा में रहे हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर आरोप लगाए थे।