उत्तराखंड SIR में बदली वोटरों की तस्वीर, 17.05 लाख नाम हटे; देहरादून में सबसे ज्यादा 4.84 लाख वोट कटे
उत्तराखंड में SIR के दौरान 19 महीनों में वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव हुआ है, 17.05 लाख नाम हटाए गए और 4.34 लाख नए मतदाता जुड़े। देहरादून में सबसे ज्यादा 4.84 लाख नाम कटे, जबकि अब हरिद्वार 12.45 लाख मतदाताओं के साथ प्रदेश में सबसे आगे है।
Oct 8 2026 10:32AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जनवरी 2025 से अगस्त 2026 के बीच 17.05 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए, जबकि 4.34 लाख नए नाम जोड़े गए सबसे ज्यादा 4.84 लाख नाम देहरादून में हटे, जिसके बाद हरिद्वार प्रदेश में सबसे ज्यादा 12.45 लाख मतदाताओं वाला जिला बन गया।
Uttarakhand Voter List Sees Major Change After SIR
उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान मतदाताओं की संख्या में बड़ा बदलाव सामने आया है। चुनाव विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 6 जनवरी 2025 से 13 अगस्त 2026 के बीच प्रदेश की मतदाता सूची से 17,05,130 नाम हटाए गए, जबकि इसी अवधि में 4,34,620 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए। SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1 जुलाई 2026 को आधार तिथि मानते हुए प्रदेश में कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं।
देहरादून में सबसे ज्यादा 4.84 लाख नाम हटे
जिलावार आंकड़ों में सबसे बड़ा बदलाव देहरादून में देखने को मिला। यहां 4,84,598 मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि 1,00,559 नए मतदाता जुड़े। इस बदलाव के बाद देहरादून में मतदाताओं की संख्या घटकर 11,94,797 रह गई। वहीं, पहले सबसे ज्यादा मतदाताओं वाला देहरादून अब हरिद्वार के बाद दूसरे स्थान पर है।
हरिद्वार बना सबसे ज्यादा मतदाताओं वाला जिला
हरिद्वार में इस अवधि के दौरान 3,31,875 नाम हटाए गए, जबकि 90,908 नए मतदाता सूची में शामिल हुए। इसके बाद जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 12,45,458 हो गई। इस तरह हरिद्वार अब उत्तराखंड में सबसे अधिक मतदाताओं वाला जिला है।
यूएस नगर में भी तीन लाख से ज्यादा नाम हटे
ऊधमसिंह नगर में भी मतदाता सूची में बड़ा बदलाव हुआ। यहां 3,03,620 नाम हटाए गए, जबकि 84,076 नए मतदाता जुड़े। SIR के बाद जिले में कुल 11,47,030 मतदाता रह गए हैं। इसके अलावा नैनीताल में 1,70,703, पौड़ी में 84,337, अल्मोड़ा में 83,298 और टिहरी में 66,498 नाम हटाए गए।
जिलेवार वोटरों का पूरा आंकड़ा
देहरादून: पहले 15,78,836 मतदाता थे, 4,84,598 नाम कटे, 1,00,559 नाम जुड़े और अब 11,94,797 मतदाता हैं।
हरिद्वार: पहले 14,86,425 मतदाता थे, 3,31,875 नाम कटे, 90,908 नाम जुड़े और अब 12,45,458 मतदाता हैं।
ऊधमसिंह नगर: पहले 13,66,574 मतदाता थे, 3,03,620 नाम कटे, 84,076 नाम जुड़े और अब 11,47,030 मतदाता हैं।
नैनीताल: पहले 8,13,895 मतदाता थे, 1,70,703 नाम कटे, 54,355 नाम जुड़े और अब 6,97,547 मतदाता हैं।
उत्तरकाशी: पहले 2,45,754 मतदाता थे, 27,506 नाम कटे, 6,802 नाम जुड़े और अब 2,25,050 मतदाता हैं।
चमोली: पहले 3,03,284 मतदाता थे, 38,797 नाम कटे, 11,520 नाम जुड़े और अब 2,76,007 मतदाता हैं।
रुद्रप्रयाग: पहले 1,95,641 मतदाता थे, 18,471 नाम कटे, 5,266 नाम जुड़े और अब 1,82,436 मतदाता हैं।
टिहरी: पहले 5,19,330 मतदाता थे, 66,498 नाम कटे, 13,806 नाम जुड़े और अब 4,66,638 मतदाता हैं।
पौड़ी: पहले 5,70,203 मतदाता थे, 84,337 नाम कटे, 21,269 नाम जुड़े और अब 5,07,135 मतदाता हैं।
पिथौरागढ़: पहले 3,79,477 मतदाता थे, 47,176 नाम कटे, 11,337 नाम जुड़े और अब 3,43,638 मतदाता हैं।
बागेश्वर: पहले 2,20,128 मतदाता थे, 23,601 नाम कटे, 9,162 नाम जुड़े और अब 2,05,689 मतदाता हैं।
अल्मोड़ा: पहले 5,41,776 मतदाता थे, 83,298 नाम कटे, 18,058 नाम जुड़े और अब 4,76,536 मतदाता हैं।
चंपावत: पहले 2,08,136 मतदाता थे, 24,650 नाम कटे, 7,502 नाम जुड़े और अब 1,90,988 मतदाता हैं।