उत्तराखंड: IFS संजीव चतुर्वेदी की अपील पर राधा रतूड़ी का आदेश, वन विभाग को देनी होगी तथ्यात्मक जानकारी
IFS अधिकारी संजीव चतुर्वेदी की ओर से उत्तराखंड वन विभाग से मांगी गई सूचनाओं को लेकर मामला राज्य सूचना आयोग पहुंचा। मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी ने दो बिंदुओं पर स्पष्ट तथ्यात्मक जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।
Oct 9 2026 11:33AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी संजीव चतुर्वेदी की ओर से उत्तराखंड वन विभाग से सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी का मामला राज्य सूचना आयोग तक पहुंच गया। निर्धारित प्रक्रिया के तहत विभाग से सूचना मिलने के बावजूद संतुष्ट नहीं होने पर उन्होंने द्वितीय अपील दाखिल की थी। चतुर्वेदी ने 21 जनवरी 2026 को प्रमुख सचिव (वन), उत्तराखंड शासन को आवेदन भेजकर सात बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। इसके बाद सूचना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन अपीलार्थी ने मिली जानकारी को अपर्याप्त मानते हुए आगे अपील की।
Uttarakhand Forest Department RTI Case
मामले में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संजीव चतुर्वेदी ने 5 मार्च 2026 को विभागीय अपीलीय अधिकारी के समक्ष प्रथम अपील दायर की थी। इसका निस्तारण 9 अप्रैल 2026 को किया गया। इसके बाद मामला राज्य सूचना आयोग पहुंचा, जहां मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी के समक्ष सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान लोक सूचना अधिकारी ने बताया कि आवेदन के कुछ बिंदुओं पर जानकारी उपलब्ध कराई गई थी। आगे पढ़िए..
विभाग का कहना था कि कुछ सूचनाएं भारतीय वन सेवा के अधिकारियों की व्यक्तिगत जानकारी से संबंधित थीं। वहीं, संबंधित प्रकरण में जांच जारी होने के कारण कार्यालय में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर ही सूचना दी गई।
अधिकारियों के स्थानांतरण से जुड़ी सूचना का भी दिया हवाला
सुनवाई के दौरान वन विभाग की ओर से यह भी बताया गया कि भारतीय वन सेवा के अधिकारियों के स्थानांतरण से संबंधित जानकारी भारत सरकार को भी भेजी जाती है। आयोग के आदेश में विभाग की ओर से दिए गए इन स्पष्टीकरणों को सूचना उपलब्ध कराने की स्थिति के संदर्भ में दर्ज किया गया।
दो बिंदुओं पर स्पष्ट तथ्यात्मक जानकारी देने के निर्देश
मामले की सुनवाई और उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी ने वन विभाग को बिंदु संख्या 1 और 5 पर स्पष्ट तथ्यात्मक सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। आयोग ने विभाग को निर्देशों के अनुपालन से आयोग को अवगत कराने को भी कहा। वहीं, शेष बिंदुओं के संबंध में आयोग को उपलब्ध कराई गई सूचना में कोई त्रुटि नहीं मिली। इस आदेश के बाद वन विभाग को संबंधित दो बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने और अनुपालन रिपोर्ट देने की कार्रवाई करनी होगी।