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उत्तराखंड: CM धामी की लेट नाईट मैराथन बैठक, सभी जिलों के DM-SSP के साथ 4 घंटे चर्चा... कड़े निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देर रात तक चली चार घंटे की बैठक में सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और जनसुविधाओं को लेकर सख्त निर्देश दिए।
Oct 14 2026 10:22AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम आवास पर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP) के साथ करीब चार घंटे बैठक की। इसमें विकास कार्यों, जनसुविधाओं, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, आगामी त्योहारों, निर्वाचन कार्यों और हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारियों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि जनहित के मामलों में लापरवाही, अनावश्यक देरी और जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

CM Dhami Gives Strict Orders to Officials

बैठक में सड़कों की स्थिति प्रमुख मुद्दा रही। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों का स्थलीय निरीक्षण करने और लंबित मरम्मत कार्य तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को लेकर सीएम ने विशेष रूप से नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि एक नवंबर तक अधूरे कार्य पूरे कर खोदी गई सड़कों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों, व्यापारियों और यात्रियों को परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जल्द ही सड़क मार्ग से प्रदेश का दौरा करेंगे। इस दौरान यदि कहीं सड़क टूटी मिली या मरम्मत में लापरवाही सामने आई, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

सिर्फ कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए विकास

सीएम धामी ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों की प्रगति केवल सरकारी फाइलों और रिपोर्टों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। काम की वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता जमीन पर दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर लंबित परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने और प्राथमिकता के आधार पर उन्हें पूरा कराने के निर्देश दिए। जिला योजना के तहत स्वीकृत कार्यों को समयसीमा में पूरा करने और जारी धनराशि का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं का उद्देश्य केवल बजट खर्च करना नहीं, बल्कि पात्र लाभार्थियों तक उनका वास्तविक लाभ पहुंचाना होना चाहिए।

बाजारों और शहरों में सफाई व्यवस्था पर भी जोर

आगामी त्योहारों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने नगर निगमों, नगर पालिकाओं और अन्य नगरीय निकायों को सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाजारों, आवासीय क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख मार्गों पर नियमित सफाई होनी चाहिए। कहीं भी कूड़ा जमा न होने दिया जाए और सफाई व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए। सीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखकर नियमित प्रशासनिक कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए।

राजस्व मामलों में देरी पर तय होगी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने राजस्व से जुड़े मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पटवारी और तहसीलदार अपने स्तर पर मामलों का नियमानुसार और समयबद्ध समाधान करें। आम नागरिकों को छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जिलाधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और देरी के कारणों का पता लगाकर जिम्मेदारी निर्धारित करने को कहा गया।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर निर्देश

बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने और अपात्र प्रविष्टियों के नियमानुसार निस्तारण में पूरी सावधानी और पारदर्शिता बरती जाए। उन्होंने निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने और मतदाताओं को आवश्यक जानकारी तथा सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

FIR दर्ज करने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सीएम धामी ने पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थाने या चौकी में शिकायत लेकर आने वाले हर व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संज्ञेय अपराधों के मामलों में नियमानुसार तत्काल FIR दर्ज की जाए और उसके बाद प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो। पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने या न्याय पाने के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने अपराध नियंत्रण, रात्रि गश्त, जनशिकायतों के निस्तारण और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बढ़ाने को भी कहा।

नवरात्र और दीपावली पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

आगामी नवरात्र और दीपावली के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने बाजारों, मंदिरों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने पार्किंग, यातायात डायवर्जन, वैकल्पिक मार्गों और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने को कहा। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए। सीएम ने ऑपरेशन कालनेमि और सत्यापन अभियान की समीक्षा करते हुए इन्हें आगामी त्योहारों और कुंभ 2027 को ध्यान में रखकर अधिक प्रभावी बनाने को कहा। संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

मसूरी, नैनीताल और हरिद्वार के लिए पहले बनेगा ट्रैफिक प्लान

शीतकालीन पर्यटन और यात्रा सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मसूरी, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश सहित प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के लिए पहले से यातायात योजना तैयार करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त पुलिस बल, पार्किंग स्थल और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जाए। यातायात संबंधी सूचनाएं समय पर जारी हों और अवैध पार्किंग तथा अतिक्रमण के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया जाए। अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए नियमित निगरानी करने को भी कहा गया।

कुंभ 2027 की तैयारियों की साप्ताहिक समीक्षा

हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ 2027 की तैयारियां भी बैठक का प्रमुख एजेंडा रहीं। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। सड़कों, पुलों, घाटों, पेयजल, सीवरेज, स्वास्थ्य सुविधाओं और पार्किंग से जुड़ी परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करने को कहा गया। सीएम ने स्पष्ट किया कि कुंभ जैसे बड़े आयोजन की तैयारियों में किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए। वरिष्ठ अधिकारियों को कुंभ क्षेत्र में तैयार घाटों, सड़कों, पार्किंग स्थलों, अस्पतालों और अन्य सुविधाओं का संयुक्त निरीक्षण करने तथा सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश भी दिए गए।

आपदा प्रभावित परिवारों को तुरंत मिले राहत

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक जल्द राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं और सुरक्षित आवास की व्यवस्था प्राथमिकता से सुनिश्चित करने को कहा। अधिकारियों को स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए।

पहाड़ों में स्वास्थ्य सेवाएं और डॉक्टरों की उपलब्धता पर जोर

पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों और एएनएम की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य वैन को दुरुस्त रखते हुए निर्धारित रोस्टर के अनुसार संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि भौगोलिक कठिनाइयों के कारण किसी नागरिक को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहना पड़े।

भालू और तेंदुए के हमलों पर प्रभावी कार्ययोजना बनेगी

ग्रामीण और आबादी से सटे क्षेत्रों में भालू, तेंदुए समेत अन्य वन्यजीवों के हमलों पर चिंता जताते हुए सीएम धामी ने प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से निगरानी, जनजागरूकता और सुरक्षा उपाय मजबूत करने को कहा। वन्यजीवों के हमलों से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार जल्द मुआवजा उपलब्ध कराने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने पर भी जोर दिया।

हर 15 दिन में जिलों का दौरा करेंगे प्रभारी सचिव

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संबंधित जिलों के प्रभारी सचिव हर 15 दिन में अपने आवंटित जिले का भ्रमण करें। इस दौरान जिला और विकासखंड स्तर पर विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, जनसुविधाओं और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि समीक्षा केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को जमीनी स्थिति का आकलन कर समस्याओं और देरी के कारणों का समाधान करना होगा।

लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों, मंडलायुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड में जाकर निरीक्षण करने के निर्देश दिए। सीएम धामी ने कहा कि जनता को समय पर सुविधाएं देना, शिकायतों का समाधान करना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप काम करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही और जिम्मेदारी से बचने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


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