उत्तराखंड: GDS भर्ती पर फिर सवाल! 65 में 60 पर हरियाणा के युवाओं का चयन, 50 के 100% अंक
पिथौरागढ़ में GDS भर्ती के 65 पदों में से 60 पर चयन और 100% अंकों के दावों से सवाल उठे। जानिए मेरिट नियम, हिंदी भाषा की शर्त और पूरा मामला।
Oct 23 2026 11:42AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
10वीं में 100% अंक, लेकिन हिंदी लिखने पर सवाल! अक्टूबर 2026 में ग्रामीण डाक सेवा यानी जीडीएस भर्ती के परिणाम जारी हुए। भर्ती परिणामों को लेकर सोशल मीडिया और उत्तराखंड के स्थानीय समाचारों में चर्चा हो रही है। उत्तराखंड के सीमांत जिलों जैसे पिथौरागढ़ चमोली रुद्रप्रयाग में ग्रामीण डाक सेवा की भर्ती से जुड़ा हुआ यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।
Uttarakhand GDS Recruitment 2026 Raises Questions Again
उत्तराखंड के नेताओं को भी कई वर्षों से लगातार क्षेत्रीय बेरोजगार युवाओं के बीच इस बात को लेकर बढ़ रहे असंतोष से कोई फर्क नहीं पड़ता। कहा जा रहा है कि उत्तराखंड सर्कल में ग्रामीण डाक सेवा की डाक विभाग की भर्ती का परिणाम आने पर सामने आया कि बाहरी राज्यों विशेष कर हरियाणा के अभ्यार्थियों का इस भर्ती में विशेष रूप से चयन हुआ, इसका कारण आधारभूत संरचनाओं के 100% अंक पाना रहा।
अक्टूबर में जारी हुई GDS की पहली मेरिट सूची
भारतीय डाक विभाग ने GDS Online Engagement Schedule-II, July-2026 की पहली शॉर्टलिस्ट सूची 12 अक्टूबर 2026 को जारी की। राष्ट्रीय स्तर पर इस भर्ती अभियान में 23,757 पद शामिल हैं। पहली सूची में नाम आने वाले अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी है। इसके लिए प्रकाशित समय सीमा 27 अक्टूबर 2026 है। अभ्यर्थी अपना परिणाम भारतीय डाक विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर देख सकते हैं।
पिथौरागढ़ में 65 पदों में से 60 पर चयन का दावा
खुलेआम कई सालों से हो रही इस घपले बाजी पर उत्तराखंड का कोई भी नेता मुखर होकर क्षेत्र के युवाओं की बात नहीं कर रहा। स्थानीय स्तर पर इस बात को लेकर असंतोष और विवाद हो रहा है कि 100% अंक पाने वालों को ठीक से हिंदी लिखनी और पढ़ाई भी नहीं आती। जबकि ग्रामीण डाक सेवक भर्ती में और चाहे कुछ आता हो या ना आता हो स्थानीय भाषा का ज्ञान बेहद जरूरी होता है।
पिथौरागढ़ जिले के परिणाम को लेकर सबसे अधिक चर्चा चयनित अभ्यर्थियों के गृह राज्य को लेकर है। रिपोर्टों में बताया गया है कि जिले के 65 GDS पदों में से 60 पर अभ्यर्थियों का चयन हुआ और पांच पद खाली रह गए।
इससे पहले भी सामने आई थी ऐसी स्थिति
पहाड़ों की परिस्थितियों की जानकारी पहाड़ के युवाओं से ज्यादा पहाड़ के बाहर रहने वाले लोगों को बताई जा रही है, हरियाणा के युवा विशेष रूप से 100% अंक प्राप्त कर चुने जा रहे हैं उत्तराखंड के नेताओं को जाहिर है जनता चुनाव के वक्त अपना फैसला सुनाएगी।
लगातार सामने आए इन दावों के बाद स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि पहाड़ी जिलों में ग्रामीण डाक सेवक पदों पर स्थानीय युवाओं की भागीदारी कैसे बढ़ाई जा सकती है और क्या चयन प्रक्रिया में स्थानीय भाषा तथा क्षेत्र की जरूरतों को पर्याप्त महत्व मिल नहीं रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में पिछले भर्ती दौर का भी उल्लेख है। लगभग दो महीने पहले पिथौरागढ़ में 51 पदों के लिए प्रक्रिया हुई थी, जिनमें 31 पदों पर नियुक्ति हो सकी। रिपोर्टों में 28 अभ्यर्थियों के हरियाणा और तीन के उत्तराखंड से होने की जानकारी दी गई थी।